कुछ महीनों पहले कश्मीर की पहलगाम घाटी से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे देश को हिला दिया था। 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में कई मासूम सैलानियों की जान चली गई थी। उस घटना के बाद कुछ वक्त के लिए लोगों के मन में डर बैठ गया था — क्या अब कश्मीर जाना सुरक्षित है?
लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। प्रशासन ने पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर दिया है। और अब घाटी फिर से सैलानियों की हंसी और रौनक से भरने लगी है।
तो चलिए जानते हैं — कश्मीर की वो जगहें, जहां आप पूरी तरह बेफिक्र होकर घूम सकते हैं, और जहां की खूबसूरती देखकर दिल कहेगा – वाह, यही तो है जन्नत!
श्रीनगर – जहां झीलों में झलकती है जन्नत
कश्मीर की राजधानी श्रीनगर को घाटी का दिल कहा जाता है।यहां की डल झील पर शिकारा राइड का मज़ा ऐसा होता है कि कोई भूल नहीं सकता।मुगल गार्डन, शालीमार बाग और झील के किनारे बने हाउसबोट सैलानियों के लिए किसी सपने से कम नहीं।यहां हर वक्त सुरक्षा बल तैनात रहते हैं, इसलिए आप आराम से घूम सकते हैं और शहर की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं।
गुलमर्ग – बर्फ, फूल और फिल्मी नज़ारे
श्रीनगर से करीब 55 किलोमीटर दूर गुलमर्ग है — जो हर मौसम में अपना जादू दिखाता है।सर्दियों में बर्फ की चादर और गर्मियों में फूलों की घाटी, दोनों ही गुलमर्ग को स्वर्ग जैसा बनाते हैं।
यहां की गोंडोला राइड यानी ऊंचाई से पूरी घाटी देखने का अनुभव, किसी फिल्म के सीन जैसा लगता है।सुरक्षा यहां भी सख्त है, जिससे सैलानी बिना किसी डर के घूम सकते हैं।
सोनमर्ग – सोने सी चमकती घाटी
सोनमर्ग, यानी “सोने की घाटी”, श्रीनगर से करीब 90 किलोमीटर दूर है।यह जगह अपने ग्लेशियर, झरनों और बर्फ से ढकी चोटियों के लिए मशहूर है।यहां सेना के जवान हर वक्त तैनात रहते हैं, जिससे आप बिना चिंता के हर कोने की खूबसूरती देख सकते हैं।सूरज की रोशनी जब पहाड़ों पर पड़ती है, तो पूरा इलाका सचमुच सोने जैसा चमक उठता है।
दूधपथरी – कश्मीर का छुपा हुआ हीरा
अगर आप भीड़ से दूर शांति और सुकून चाहते हैं, तो दूधपथरी घाटी आपके लिए परफेक्ट जगह है।श्रीनगर से करीब 45 किलोमीटर दूर यह जगह कश्मीर का हिडन जेम कहलाती है।
यहां की शालीगंगा नदी, हरे मैदान और सफेद पत्थरों के बीच बहता ठंडा पानी मन को सुकून दे देता है।सुरक्षा यहां भी पूरी तरह मजबूत है, इसलिए आप आराम से प्रकृति के करीब समय बिता सकते हैं .
पहलगाम – अब फिर से मुस्कुरा रही घाटी
हाल ही में हुए हमले के बाद पहलगाम घाटी कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी।लेकिन अब सब कुछ सामान्य है — सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सैलानी एक बार फिर यहां आने लगे हैं।
देवदार के जंगल, लिद्दर नदी का किनारा और बर्फ से ढके पहाड़ मिलकर ऐसा नज़ारा बनाते हैं कि दिल बस यहीं ठहर जाए।