Male Menstruation : मासिक धर्म (पीरियड्स) महिलाओं के प्रजनन तंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है. यह आम तौर पर हर महीने 28 से 30 दिन के अंतराल पर होता है. लेकिन कभी आपने सोचा है कि क्या पुरुषों को भी पीरियड्स आते हैं. सोशल मीडिया पर अक्सर यह सवाल उठता है और इसको लेकर कई तरह कि बातें कही जाती है. इस लेख में चलिए आपको बताते है कि आखिर क्या है सच्चाई.
लड़कियों को क्यों आते हैं पीरियड्स?
डॉक्टरों के मुताबिक, जैविक पुरुषों को मासिक धर्म नहीं होता, क्योंकि उनके शरीर में गर्भाशय और अंडाशय नहीं होते. विशेषज्ञ बताते हैं कि मासिक धर्म गर्भाशय की परत झड़ने की एक प्रक्रिया है. जिनके पास यह अंग नहीं होता, उन्हें पीरियड्स नहीं आते. विशेषज्ञ बताते हैं कि मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय की परत झड़ती है, जिससे रक्तस्राव होता है. यह प्रक्रिया इसलिए होती है ताकि गर्भाशय हर महीने गर्भधारण के लिए तैयार हो सके. यदि गर्भधारण नहीं होता, तो यह परत शरीर से बाहर निकल जाती है.
मेडिकल एक्सपर्ट कहते हैं कि मासिक धर्म के दौरान हार्मोनल बदलाव भी होते हैं, जो कभी-कभी दर्द, थकान, मूड स्विंग और भूख में बदलाव जैसी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं. डॉक्टर सलाह देते हैं कि इस समय साफ-सफाई और संतुलित खान-पान का ध्यान रखना ज़रूरी है. समय पर और नियमित चक्र सामान्य स्वास्थ्य का संकेत होता है, जबकि अनियमित या अत्यधिक दर्द वाले पीरियड्स के लिए डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए.
पुरूषों को क्यों नहीं आते पीरियड्स
हालांकि, ट्रांसजेंडर पुरुष, यानी जिनका जन्म महिला के रूप में हुआ लेकिन वे पुरुष के रूप में अपनी पहचान रखते हैं, अगर उन्होंने हार्मोन थेरेपी या सर्जरी नहीं करवाई है, तो उन्हें पीरियड्स आ सकते हैं. डॉक्टर यह भी कहते हैं कि जैविक पुरुषों में भी हार्मोनल बदलाव होते हैं. टेस्टोस्टेरोन के स्तर में उतार-चढ़ाव से मूड, ऊर्जा और कामेच्छा प्रभावित हो सकती है. कुछ लोग इसे मज़ाक में men’s cycle कहते हैं, लेकिन यह मासिक धर्म जैसा नहीं होता. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैली भ्रांतियों को दूर करने की ज़रूरत है. पीरियड्स केवल उन्हीं को आते हैं जिनके पास गर्भाशय और अंडाशय मौजूद होते हैं.