AI: वर्तमान में सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स का हिस्सा बनना एक फैशन बन गया है, लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स की चेतावनी पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. हर नया ट्रेंड आकर्षक हो सकता है, लेकिन उसके पीछे छुपे खतरे को समझना भी जरूरी हैं.
पिछले दिनों वायरल हुए Nano Banana AI 3D Figurine के बाद अब नया धमाका आया है – ‘Banana AI Saree’ ट्रेंड. इस ट्रेंड में लोग अपनी सेल्फी को 90s बॉलीवुड स्टाइल में बदलकर ड्रमैटिक लुक देते हुए शेयर कर रहे हैं. इसमें उपयोगकर्ताओं की तस्वीरें गूगल के AI टूल Gemini Nano Banana Image Editing Tool की मदद से एडिट की जा रही हैं
वायरल इमेजेज की खासियत
इन वायरल इमेजेज में अक्सर हल्की शिफॉन साड़ी हवा में बहती नजर आती है, ग्रेनी टेक्सचर और गोल्डन-आवर लाइटिंग का सस्पेंसफुल प्रभाव देखने को मिलता है. लोकप्रिय स्टाइल्स में ट्रांसलूसेंट पोल्का-डॉट डिज़ाइन, ब्लैक पार्टी-वियर साड़ी और सॉफ्ट फ्लोरल एक्सेंट्स शामिल हैं, जो 90 के दशक में काफी फेमस थे.
साइबर एक्सपर्ट्स की चेतावनी
साइबर एक्सपर्ट साक्षर दुग्गल का कहना है कि आज के दौर में हर कोई इन ट्रेंड्स का हिस्सा बनना चाहता है.
“हम ट्रेंड तो फॉलो कर रहे हैं, लेकिन ये समझना जरूरी है कि हम अपनी प्राइवेसी की कीमत पर क्या खो सकते हैं,” साक्षर ने बताया.
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे AI टूल्स आपके प्राइवेसी डेटा को भी कलेक्ट कर सकते हैं, जिससे अनजाने में आपकी संवेदनशील जानकारियां लीक हो सकती हैं.
Gen-Z यूजर्स का अनुभव
एक Gen-Z यूजर ने भी यह बात साझा की, “हम ट्रेंड फॉलो तो करते हैं, लेकिन इसके पीछे के जोखिम के बारे में कम ही सोचते हैं. साइबर एक्सपर्ट्स हमें बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि हर ट्रेंड को बिना समझे अपनाना खतरे से खाली नहीं है.
इस मामले पर गूगल ने साफ किया है कि Gemini टूल पर अपलोड की गई तस्वीरें पूरी तरह से सुरक्षित हैं.
कंपनी का कहना है कि तस्वीरें केवल गूगल के सर्वर पर ही प्रोसेस होती हैं और थर्ड पार्टी को बिना यूजर की परमिशन के कभी भी नहीं दी जाती.
GDPR और CCPA डेटा प्रोटेक्शन नियम
गूगल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह टूल यूरोपियन GDPR और अमेरिकी CCPA जैसे सख्त डेटा प्राइवेसी रूल्स का पालन करता है.साथ ही, उपयोगकर्ता की परमिशन के बिना उनका डेटा AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा .