Bihar Bridge Collapses : बिहार पुल गिरने के पीछे ‘साजिश’ का खेल, केंद्रीय मंत्री का बड़ा आरोप

Bihar Bridge Collapses ; बिहार में 15 दिन से भी कम समय में पांच पुल ढहने के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को आरोप लगाया कि इन घटनाओं के पीछे राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को बदनाम करने की साजिश है। पुल ढहने की घटनाओं को लोकसभा चुनावों से जोड़ते हुए उन्होंने पूछा कि चुनाव के बाद ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। ज्ञात हो की पिछले 11 दिनों में अररिया, सीवान, पूर्वी चंपारण, किशनगंज और मधुबनी समेत राज्य के विभिन्न जिलों में कुल पांच पुल ढह गए हैं।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने क्या कहा ?

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) के प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने कहा, राज्य में अचानक पुल ढहने (Bridge Collapses) की घटनाएं क्यों होने लगी हैं? यह लोकसभा चुनाव के बाद क्यों हो रहा है? ऐसी घटनाएं एक महीने पहले क्यों नहीं हो रही थीं? मुझे इसके पीछे किसी साजिश का संदेह है। संबंधित अधिकारियों को इस पहलू पर गौर करना चाहिए। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री का प्रभार संभाल रहे मांझी ने आगे कहा कि केंद्र सरकार राज्य में पुल ढहने की खबरों पर करीब से नजर रख रही है। उन्होंने कहा, राज्य और केंद्र सरकारें ऐसी घटनाओं पर बारीकी से नजर रख रही हैं। गलत कामों में शामिल ठेकेदारों या इंजीनियरों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य भर में विभिन्न पुलों का गिरना चिंता का विषय है।केंद्रीय मंत्री ने पूछा, लेकिन ऐसी घटनाएं 15 या 30 दिन पहले क्यों नहीं हुईं?

बिहार में 11 दिनों  में 5 Bridge Collapses

बिहार के मधुबनी जिले में शुक्रवार को एक निर्माणाधीन सड़क पुल का गर्डर गिर गया। मधुबनी जिले के मधेपुर प्रखंड के लालवरही गांव में भुतही बलान नदी पर पुल का निर्माण चल रहा था और गर्डर लगाने का काम दो दिन पहले ही पूरा हुआ था। बिहार में पिछले 11 दिनों में पुल गिरने की यह पांचवीं घटना है। 18 जून को अररिया जिले के सिकटी प्रखंड में बकरा नदी पर बना 12 करोड़ रुपए का पुल ढह गया। 22 जून को सीवान में दरौंदा और महाराजगंज प्रखंडों को जोड़ने वाली नहर पर बना पुल ढह गया। 23 जून को पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन प्रखंड में पुल ढहने की तीसरी घटना सामने आई। 27 जून को किशनगंज में 70 मीटर लंबा पुल ढह गया।

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