आज देश में बेरोजगारी की हालत भी कुछ ऐसा है कि लोग इस महामारी से बचने के लिए कुछ भी करने को तैयार है। मगर करें तो करें क्या ? क्योंकि सिर्फ काम करने भर तक का तो नहीं होता। लगभग हर परिवार की इस आपबीती दास्तान का संदर्भ हाल ही में हुए एक बड़े खुलासे से हैं। जो Muzaffarpur बालिका गृह कांड की हूबहू दास्तां है।
क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार बिहार का Muzaffarpur शहर एक बार फिर से चर्चा में हैं। चर्चा का विषय भी लगभग पुराने जैसा ही है, लेकिन कहानी और कहानीकार थोड़े से अलग है। दरअसल मिली जानकारी के अनुसार बिहार के मुजफ्फरपुर में लड़कियों का शारीरिक शोषण किया जा रहा है। नेटवर्किंग कंपनी डीबीआर यूनिक नेटवर्किंग के संचालकों पर यह आरोप लगाया गया है कि संचालक और इससे संबंधित अन्य लोगों द्वारा कंपनी में काम का लोभ देकर पहले लड़कियों को फसाया जाता है फिर उनके साथ यौन शोषण जैसे घृणित कार्य किए जाते है। जिसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती है और उन वेवस लड़कियों को देह व्यापार में धकेल दिया जाता है। इतना कुछ करने के बाद उन मजबूर लड़कियों को ब्लैकमेल होता है। इस बर्बरता का शिकार हुई एक पीड़िता ने कोर्ट में अपने बयान में कंपनी के काले चिट्ठे का भंडाफोड़ कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी में करीब 70 % लड़के और 30 % लड़कियां है।
तीन साल में तीन बार नाम चेंज
पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने मामले की तहकीकात की और कंपनी कए दफ्तर में छापे मारे। लेकिन हैरान करने वाली बात है कंपनी का कोई दफ्तर ही नहीं हैं और कंपनी अब तक कई बार अपनी पहचान बदल चुकी है। पीड़िता ने अपने बयान में कंपनी द्वारा तीन साल में तीन बार नाम चेंज करने का दावा किया गया। पीड़िता के बयान के अनुसार शुरुआत में कंपनी डीबीआर बायो रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड के नाम से खुली फिर यह डीबीआरबायो रिसर्च आयुर्वेदा(ओपीसी) प्रा.लि. हो गई और अब कंपनी डीबीआर बायो रिसर्च आयुर्वेदा प्रा.लि के नाम से चलाई जा रही है। कंपनी का कोई मुख्य ऑफिस नहीं होने के कारण कहिए या फिर सोची समझी सजिस कए कारण अलग अलग जगहों पर फ्रेंचाइजी बांटने का काम करती है और इस नाम पर अच्छा मुनाफा कमाती है।
Muzaffarpur के अलावा देश में कई जगहों पर कंपनी का ब्रांच
Muzaffarpur, हाजीपुर, दरभंगा, पश्चिम चंपारण के अलावा दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, नोएडा सहित देश में कई जगहों पर कंपनी का ब्रांच है। इसी मामले में संचालक को पहले गिरफ्तार भी किया गया था। फिर उसे जमानत मिल गई और जेल से निकलने के बाद भी काम चलता रहा। लड़कियों के साथ होने वाले इस बर्बरता का एक विडियो भी वायरल हो रहा जिसमें संचालकों का सच दिख रहा है। हालांकि विडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई हैं। मामले की पूलिस जांच कर रही है। इस दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। कहानी का संक्षेप में जानकारी यहीं है। मगर सवाल कई है जिसका जवाब पुलिस की जांच के बाद ही पता चलेगी।