विधानसभा के बाद अब पंचायती चुनाव में किस्मत आजमाएगी जनसुराज..! प्रशांत किशोर ने दिए बड़े संकेत

Bihar politics : जनसुराज के सूत्रधार और संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कहा है कि बिहार में वास्तविक परिवर्तन केवल विधायक या मंत्री बदलने से संभव नहीं है. बल्की इसके लिए पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर ईमानदार और सक्षम लोगों का चुनाव जरूरी है. पंचायती चुनाव में पार्टी के भाग लेने को लेकर पुछे गए एक सवाल पर उन्होंने संकेत दिया कि आगामी पंचायती राज चुनाव में जन स्वराज दलगत आधार पर भाग लेगा या नहीं, इस पर अप्रैल या मई में आधिकारिक निर्णय लिया जाएगा.

संगठन पुनर्गठन की तैयारी

पश्चिम चंपारण स्थित गांधी विधवा आश्रम से अभियान की शुरुआत का उल्लेख करते हुए किशोर ने दोहराया कि चुनाव परिणाम के बाद जन स्वराज के प्रमुख साथियों ने एक दिन का मौन उपवास किया था. इसके बाद बिहार नवनिर्माण अभियान को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से जन स्वराज से जुड़े कार्यकर्ताओं की राय लेकर संगठन का पुनर्गठन किया जाएगा ताकि गांव-गांव में अभियान को प्रभावी रूप से चलाया जा सके. गोपालगंज उनका नौवां जिला दौरा है, जहां वे कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं.

वोट खरीदने के आरोप और महिलाओं का मुद्दा

किशोर ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकार ने ₹10,000 की राशि देकर मतदाताओं को प्रभावित किया. उन्होंने कहा कि नवनिर्माण अभियान के तहत उन महिलाओं की मदद की जाएगी, जिन्हें यह राशि दी गई थी, ताकि सरकार अपने कथित वादे के अनुसार उन्हें ₹1 लाख की सहायता दे. रोजगार, शिक्षा और भ्रष्टाचार के सवाल पर उन्होंने कहा कि हालिया चुनाव में जनता ने मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है.उन्होंने कहा कि यदि पहले भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पलायन की समस्या थी और उसी सरकार को दोबारा चुना गया है, तो स्वाभाविक है कि वही व्यवस्था आगे चलेगी. उन्होंने मतदाताओं से जाति, धर्म या अल्पकालिक लाभ के आधार पर वोट न देने की अपील करते हुए कहा कि एक दिन के ₹10,000 से सुधार नहीं होगा.

कांग्रेस से विलय की अटकलों पर प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर कांग्रेस के साथ संभावित विलय की चर्चा को खारिज करते हुए किशोर ने कहा कि सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें चलती रहती हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है. नीट छात्रा से जुड़े कथित आपराधिक मामले पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सबसे पहले जन सुराज ने उठाया था. उन्होंने बताया कि मामले की जांच पहले एसआईटी को सौंपी गई थी, लेकिन अब इसे सीबीआई को दे दिया गया है. किशोर ने कहा कि हर हाल में पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए. यदि न्याय नहीं मिला तो जन सुराज परिवार के साथ खड़ा रहेगा. बिहार में अपराध और महिलाओं की सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि अपराध से परेशान लोग फिर से उसी तरह के प्रतिनिधियों को चुनते हैं, तो हालात बदलना मुश्किल होगा . उन्होंने दोहराया कि जन स्वराज का उद्देश्य जनता के बीच जागरूकता बढ़ाना और व्यवस्था में बुनियादी बदलाव लाना है.

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