Nitin Nabin : बिहार की सियासत में रविवार को उस वक्त हलचल मच गई जब बीजेपी नेता और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विधानसभा से इस्तीफे को लेकर दिनभर सस्पेंस बना रहा. पहले यह खबर आई कि वे अपना इस्तीफा देने विधानसभा पहुंचेंगे, लेकिन ऐन मौके पर कार्यक्रम बदल गया और वे बिना इस्तीफा दिए दिल्ली रवाना हो गए. बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए कहा कि नितिन नवीन इस्तीफा देने के इरादे से ही आए थे, लेकिन अचानक दिल्ली में जरूरी बैठक के कारण उन्हें जाना पड़ा. उन्होंने यह भी बताया कि अभी इस्तीफा देने की समयसीमा बाकी है, इसलिए इसमें कोई नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है.
30 मार्च है अंतिम तारीख
नियमों के अनुसार, यदि कोई विधायक राज्यसभा या विधान परिषद का सदस्य चुना जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देना अनिवार्य होता है. हाल ही में नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. ऐसे में इन सभी को 30 मार्च तक इस्तीफा देना होगा. मीडिया सूत्रों के अनुसार नितिन नवीन के इस्तीफे को लेकर विधानसभा में पूरी तैयारी कर ली गई थी. रविवार होने के बावजूद कार्यालय खोला गया, अध्यक्ष प्रेम कुमार भी समय पर पहुंचे और बीजेपी के कई नेता व समर्थक भी मौजूद थे. हालांकि अचानक कार्यक्रम में बदलाव की सूचना आई और बताया गया कि वे आज इस्तीफा नहीं देंगे.
नीतीश कुमार पर भी नजर
अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी टिकी हैं. माना जा रहा है कि वे 30 मार्च को इस्तीफा दे सकते हैं, हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नितिन नवीन और नीतीश कुमार समेत अन्य निर्वाचित नेता 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं. हालांकि, इस तारीख की भी अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. फिलहाल बिहार की राजनीति में 30 मार्च की तारीख अहम मानी जा रही है, जब यह साफ हो जाएगा कि कौन नेता कब और कैसे इस्तीफा देता है.