Bihar politics : पटना के 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभालने वाले नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले हैं. इस्तीफे से पहले वे आखिरी बार कैबिनेट बैठक करेंगे, इसके बाद सहयोगियों और अधिकारियों के साथ औपचारिक मुलाकात और फोटो सेशन होगा. अंत में वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे. नीतीश कुमार का कार्यकाल लगभग दो दशकों तक फैला रहा, जिसमें बीच में कुछ समय के लिए जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री पद संभाला था. अब उनके सक्रिय राजनीतिक दौर के अंत के साथ, वे खुद को मार्गदर्शक की भूमिका में रखने की बात कह रहे हैं.
14 अप्रैल को होगा नए मुख्यमंत्री का फैसला
उधर बिहार में अब पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है. 14 अप्रैल (डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती) को दोपहर 2 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा. इस प्रक्रिया के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में अंतिम मुहर लगेगी.
रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी ?
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा सम्राट चौधरी के नाम की है. वे वर्तमान में बिहार भाजपा के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और उपमुख्यमंत्री भी हैं. पार्टी ने पिछले कुछ वर्षों में उन्हें प्रमुख भूमिका दी है, जिससे उनके नाम को मजबूत दावेदार माना जा रहा है. हालांकि भाजपा के फैसलों को लेकर एक बात स्पष्ट है कि पार्टी अक्सर चौंकाने वाले निर्णय लेती रही है. इसलिए अंतिम नाम को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है. पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने कई राज्यों में अप्रत्याशित चेहरे मुख्यमंत्री बनाए हैं. जिसको लेकर यह भी कयास लगाए जा रहे कि पार्टी अंतिम समय में नया नाम सामने ला सकती है.
सामाजिक समीकरण भी अहम
नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो इस बार जातीय और सामाजिक समीकरण भी अहम भूमिका निभा सकते हैं. संभावनाएं हैं कि नया मुख्यमंत्री के लिए पिछड़ा वर्ग (OBC), दलित कार्ड या फिर महिला मुख्यमंत्री का प्रयोग कर सकती है.खासतौर पर उत्तर प्रदेश और पंजाब में आने वाले चुनावों को देखते हुए दलित नेतृत्व पर भी विचार किया जा सकता है. कुल मिलाकर बिहार की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है. नीतीश कुमार के लंबे शासन के बाद अब भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनने जा रही है. हालांकि सम्राट चौधरी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन भाजपा की रणनीति को देखते हुए अंतिम फैसला आने तक कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता.