Rahul Gandhi News : राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरी विपक्षी गठबंधन को लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में भले ही पूर्ण सफलता नहीं मिली, लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह निराशाजनक भी नहीं रही. कांग्रेस के खाते में इस बार 99 सांसद पहुंचे, जो पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. इसके साथ ही पार्टी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद भी मिला, जिसने संगठन और नेतृत्व दोनों को नई ऊर्जा दी है.
इन नतीजों के बाद राहुल गांधी का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ दिखाई देता है. वे संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार को घेरने का कोई अवसर नहीं छोड़ते. चाहे सदन की बहस हो या प्रेस कॉन्फ्रेंस, राहुल गांधी लगातार सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाते नजर आते हैं. हालांकि सरकार पर हमले के साथ-साथ वे मीडिया की भूमिका को लेकर भी अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर करते रहते है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें पत्रकारों से यह कहते सुना गया है कि यह बीजेपी का सवाल है, आप अपना सवाल पूछिए, या फिर सरकार से सवाल क्यों नहीं पूछते? वे अक्सर यह आरोप भी लगाते हैं कि मीडिया विपक्ष को पर्याप्त स्क्रीन टाइम नहीं देती और विपक्ष की बातों को उतनी तरजीह नहीं मिलती जितनी मिलनी चाहिए.
मीडिया से उनकी नारजगी आज एक बार फिर देखने को मिला जब सांसद की कार्रवाही से पहले यह खबर आई कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) लाने की तैयारी में है. इससे एक दिन पहले राहुल गांधी ने लोकसभा में बजट पर बोलते हुए एपस्टीन फाइल्स का जिक्र किया और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा उद्योगपति अनिल अंबानी पर आरोप लगाए. सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया.
संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राहुल को अपने आरोपों को ऑथेंटिकेट (सत्यापित) करना चाहिए. जिसको लेकर राहूल गांधी से मीडिया सवाल करने लगी. इसी दौरान आज जब संसद के बाहर पत्रकारों ने जब संभावित प्रिविलेज मोशन पर सवाल पूछा तो राहुल गांधी नाराज़ हो गए और कहा कि मीडिया को रोज कोड वर्ड दिया जाता है क्या ? कल ऑथेंटिकेट था और आज प्रिविलेज मोशन. संसद के बाहर इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल से राहुल गांधी नाराज हो गए और मीडिया पर निशाना साधा…लेकिन जो सवाल है वो ये कि मीडिया द्वारा राहुल गांधी से उन मुद्दों के लेकर सवाल पुछा जाना जिसे वो पसंद नही करते ? उस पर वो नराज क्यों हो जाते हैं…? पत्रकारों से नारजगी के क्या वजह है…?