T20 World Cup : भारत और श्रीलंका में होने वाले मेन्स T20 वर्ल्ड कप से ठीक तीन महीने पहले टूर्नामेंट के प्रसारण को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। टूर्नामेंट के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर जियोस्टार ने भारी वित्तीय नुकसान का हवाला देते हुए मैच प्रसारण से पीछे हटने का फैसला किया है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, अगर जल्द नया ब्रॉडकास्टर नहीं मिल पाया, तो भारत में मैचों के प्रसारण पर खतरा मंडरा सकता है।
सोनी, नेटफ्लिक्स और अमेजन से संपर्क बनाने की कोशिश
जियोस्टार के हटने के बाद ICC ने नए प्रसारण साझेदारों की तलाश तेज कर दी है। इसके तहत सोनी, नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो से संपर्क किया गया है। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीनों बड़े प्लेटफॉर्म्स ने उच्च कीमतों के कारण रुचि नहीं दिखाई है। ऐसे में टूर्नामेंट से पहले प्रसारण अधिकारों का संकट और गहरा सकता है।
3 अरब डॉलर की डील बनी बोझ
जियोस्टार (तब स्टार इंडिया) ने 2023 में ICC के 2024-27 मीडिया राइट्स के लिए करीब 3 अरब डॉलर (लगभग 25,000 करोड़ रुपये) की डील की थी। इस 4 साल की अवधि के लिए जियोस्टार को हर साल लगभग 6,000 करोड़ रुपये ICC को देने थे। लेकिन कंपनी को उम्मीद के विपरीत दर्शक संख्या और विज्ञापन राजस्व मिल रहा था। खासकर ड्रीम11 और अन्य फैंटेसी गेमिंग ऐप्स पर बैन के बाद विज्ञापन में बड़ी गिरावट आई।
लगातार बढ़ रहा कंपनी का घाटा
कंपनी को हुए भारी नुकसान को देखते हुए जियोस्टार ने अपने खातों में ICC डील से होने वाले अनुमानित घाटे के लिए राशि अलग रखना शुरू कर दिया था, जिसे प्रोविजन कहा जाता है। 2023-24 में जियोस्टार ने माना कि ICC डील से उसे 12,319 करोड़ रुपये का घाटा होगा और उतनी राशि अलग रख दी। 2024-25 में अनुमानित नुकसान दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 25,760 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसका मतलब यह हुआ कि 25,000 करोड़ रुपये में खरीदा गया कंटेंट कंपनी के लिए भारी नुकसान का सौदा साबित हुआ। अनुमान है कि प्रसारण करने पर भी यह पैसा वापस नहीं आ पाएगा।
डील से बाहर निकलने का फैसला
लगातार बढ़ते नुकसान को देखते हुए जियोस्टार ने ICC को सूचित कर दिया है कि वह डील के बचे हुए दो साल निभाने में सक्षम नहीं है। कंपनी अब औपचारिक रूप से डील से बाहर निकलना चाहती है। T20 वर्ल्ड कप में अब कुछ ही महीने बचे हैं। अगर ICC नए ब्रॉडकास्टर के साथ समय रहते करार नहीं कर पाती है, तो भारत में टूर्नामेंट देखने को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है। हालांकि, ICC की कोशिश है कि जल्द से जल्द कोई समाधान निकाला जाए ताकि भारत के विशाल दर्शक आधार को टूर्नामेंट से वंचित न रहना पड़े।