रवि शास्त्री का वो साहसी फैसला, जिसने रोहित शर्मा का टेस्ट करियर बदल दिया

Rohit Sharma Test career : भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा के टेस्ट करियर पर अब विराम लग गया है लेकिन उनके करियर में में एक ऐसा पल था, जिसने उनकी पूरी करियर बदल दिया. यह बदलाव तब आया जब भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने एक ऐसी भूमिका में बदलाव की सिफारिश की और यही रोहित शर्मा के लिए गेम चेंजर साबित हुई. शास्त्री ने हाल ही में The ICC Review शो में इस बदलाव के बारे में बात की और बताया कि कैसे 2019 के वर्ल्ड कप के दौरान एक साधारण सा अनुमान रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल ओपनरों में से एक बना दिया.

शास्त्री ने Rohit Sharma  को दिया ओपनिंग का मौका

रवि शास्त्री ने बताया कि जब रोहित शर्मा ( मध्य क्रम में बल्लेबाजी करते थे, तो उनकी प्रदर्शन में निरंतरता नहीं थी. शास्त्री के अनुसार वह नंबर 4, 5 पर बल्लेबाजी करते हुए बोर हो जाते थे. शास्त्री ने यह भी कहा कि उन्होंने तब यह सोचने का प्रयास किया कि आखिरकार, वह वनडे क्रिकेट में इतने सफल क्यों हैं, जबकि टेस्ट क्रिकेट में वह ज्यादा सफल नहीं हो पा रहे थे. “वह जल्दी आउट हो जाते थे, जबकि वनडे में उनका खेल बहुत सहज था. शास्त्री ने बताया कि मैंने सोचा कि अगर वह वनडे में इतने अच्छे हैं, तो टेस्ट क्रिकेट में भी अच्छे साबित हो सकते हैं, अगर उन्हें ओपनिंग का मौका दिया जाए,” .

शो में उन्होंने कहा कि यह विचार 2019 के वर्ल्ड कप के दौरान आया, जब रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने पांच शतक बनाए और टूर्नामेंट में 648 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहे. शास्त्री ने अपने आत्मविश्वास को महसूस किया और इस दौरान यह विचार कप्तान विराट कोहली के साथ साझा किया. शास्त्री के सुझाव पर काम शुरू हुआ और बाद में भारत के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान रोहित शर्मा को ओपनिंग का मौका दिया गया.

Rohit Sharma : टेस्ट करियर के 12 में से 9 शतक ओपनिंग में

बता दें कि जैसे ही रोहित शर्मा ने ओपनिंग की शुरुआत की, उन्होंने पहले ही टेस्ट मैच में शतक जड़ दिया. शास्त्री ने इस पल को याद करते हुए कहा, “वह पहले टेस्ट मैच में आए और शतक बना दिया. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने खुद को साबित कर दिया. रोहित शर्मा ने उस टेस्ट मैच में दो शतक लगाए और इस सफलता के बाद ओपनिंग पर उनका दबदबा बढ़ता चला गया. उन्होंने अपने टेस्ट करियर के 12 में से 9 शतक ओपनिंग में ही बनाए.

इंग्लैंड में सबसे बेहतरीन बैटिंग रिकॉर्ड

शास्त्री ने इंग्लैंड के दौरे का भी उल्लेख किया, जब रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने अपनी तकनीकी क्षमताओं को निखारा. उन्होंने बताया कि इंग्लैंड में उनका सबसे बेहतरीन बैटिंग था. उन्होंने सॉफ्ट हैंड्स, गेंद छोड़ने की कला पर काम किया और अचानक वह मैचों के अहम मौके पर सेटअप देने लगे.

अब जब वक्त बित चुका है यह कहा जा सकता है कि रवि शास्त्री का यह निर्णय सिर्फ एक सहज अनुमान नहीं था, बल्कि एक साहसिक निर्णय था, जिसने रोहित शर्मा को न सिर्फ वनडे बल्कि टेस्ट क्रिकेट का भी एक बड़ा सितारा बना दिया. शास्त्री ने इसे एक संजीवनी देने वाली भूमिका परिवर्तन माना, जिसने रोहित को न सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में जगह दिलाई बल्कि उन्हें एक ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी बना दिया. इस पूरी प्रक्रिया से यह सिद्ध होता है कि कभी-कभी एक सटीक निर्णय और सही समय पर दिया गया समर्थन एक खिलाड़ी के करियर को नई ऊँचाई पर पहुंचा सकता है. यह था वो एक निर्णय जिसने रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट का सबसे खतरनाक ओपनर बना दिया.

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