पटना। जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संजय सिंह ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने पार्टी में रहते हुए उपमुख्यमंत्री पद की मांग की थी। मांग पूरी न होने पर उन्होंने पार्टी से नाता तोड़ लिया। संजय सिंह ने रविवार को कहा कि उनकी एक ही मंशा थी कि उपमुख्यमंत्री बना दीजिए। जब यह नहीं हुआ, तो उन्होंने पार्टी छोड़ दी। हालांकि नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी का उपाध्यक्ष बनाकर पूरा सम्मान दिया था।
JDU में एंट्री और जन सुराज यात्रा
बता दें कि प्रशांत किशोर 2019 में जेडीयू (JDU) में शामिल हुए थे। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था। किशोर की एंट्री को पार्टी की रणनीति को आधुनिक बनाने की कोशिश के तौर पर देखा गया। 2015 में नीतीश कुमार के चुनाव प्रचार की रणनीति प्रशांत किशोर ने ही तैयार की थी, जिससे जेडीयू को बड़ी जीत मिली थी। हालांकि, पार्टी में रहते हुए किशोर और नेतृत्व के बीच रिश्तों में कड़वाहट आ गई। सीएए-एनआरसी जैसे मुद्दों पर किशोर ने पार्टी लाइन से अलग राय रखी थी। फरवरी 2020 में उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया।
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अब प्रशांत किशोर बिहार में जन सुराज यात्रा चला रहे हैं। इस यात्रा के ज़रिए वो गांव-गांव जाकर लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं और जनता की सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं।
संजय सिंह का बयान क्यों अहम?
संजय सिंह का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब किशोर अपनी यात्रा के जरिए बिहार की राजनीति में नई जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। संजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को उनके विकास कार्यों की वजह से जनता का समर्थन मिलता है, जबकि किशोर ने अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को तरजीह दी। पार्टी ने अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर चर्चा ज़ोरों पर है।