बिहार में नई सरकार गठन की तैयारियां तेज… जानें मंत्रीयों सहित कब नीतीश कुमार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

Bihar Politics : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर है. बीजेपी और जेडीयू ने इस बार बराबर-बराबर 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा था और एनडीए के भीतर सरकार गठन को लेकर शुरुआती फॉर्मूला तैयार कर लिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ गठबंधन की दो सबसे बड़ी साझेदार पार्टियों भाजपा और जदयू को समान संख्या में मंत्री पद दिए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है.

छोटे घटक दलों को भी मिलेगा प्रतिनिधित्व

इस नए फार्मूले के तहत चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो मंत्री पद मिलने की संभावना है. वहीं उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) को एक-एक विभाग दिए जाने पर भी चर्चा चल रही है. मीडिया रिपोर्ट में एक वरिष्ठ सूत्रों के हवाले से बताया कि यही फॉर्मूला विचाराधीन है और मंत्रालयों के बंटवारे में बड़े बदलाव संभव हैं. चर्चा इसी पर केंद्रित है कि कौन-सा विभाग किसके पास जाएगा.

नीतीश कुमार कब देंगे इस्तीफा

नवनिर्वाचित जदयू विधायक दल की बैठक सोमवार को पटना में होगी. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं, ताकि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सके. जानकारी के मुताबिक भाजपा विधायक दल की बैठक मंगलवार को होने की संभावना है. 17वीं बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है, ऐसे में शपथ ग्रहण समारोह बुधवार या गुरुवार को आयोजित किया जा सकता है.

बिहार में भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी

नतीजों के अनुसार भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि जदयू 85 सीटों पर रही. एलजेपी (रामविलास) को 19, हम (सेक्युलर) को 5 और रालोद को 4 सीटें मिली हैं. 2020 में भाजपा 74 सीटों पर और जदयू 43 सीटों पर रही थी. उस समय नीतीश सरकार में भाजपा के 22 और जदयू के 12 मंत्री थे. गठबंधन की जीत के बाद शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की अहम बैठक हुई. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष शामिल हुए. बैठक में सरकार गठन के खाके पर प्रारंभिक चर्चा की गई.

नीतीश ही होंगे मुख्यमंत्री लेकिन उपमुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस

एनडीए में सर्वसम्मति है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे. भाजपा मानती है कि नीतीश की साख, प्रशासनिक अनुभव और सुशासन की छवि ने गठबंधन की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई है. लेकिन उपमुख्यमंत्रियों के पद को लेकर अभी फैसला नहीं हुआ है. वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भ्रष्टाचार और चुनावी हलफनामों में अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिन्हें पहले प्रशांत किशोर और बाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने उठाया था. इस कारण यह सवाल बना हुआ था कि क्या सम्राट चौधरी को दोबारा उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा.

कब होगा बिहार में शपथ ग्रहण

हालांकि पार्टी के कई नेताओं का कहना है कि एनडीए को मिला भारी जनादेश और तारापुर से चौधरी की जीत यह साबित करती है कि मतदाताओं ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. इसके अलावा पीएम मोदी ने अपने विजय भाषण में चौधरी और दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का नाम लेकर धन्यवाद भी दिया था. अब सभी की निगाहें इस बात पर है कि किन चेहरों को नई सरकार में जगह मिलेगी और मंत्रालयों का बंटवारा किस प्रकार होगा. मंगलवार तक तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है, जिसके बाद शपथ ग्रहण की औपचारिक घोषणा की जा सकती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *