IPL 2026: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) द्वारा 44 वर्षीय महेंद्र सिंह धोनी को IPL 2026 के लिए रिटेन किए जाने पर उठ रहे सवालों के बीच इंडियन एक्सप्रेस की एक विस्तृत रिपोर्ट ने इस फैसले के पीछे की असल वजहों पर प्रकाश डाला है. रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला महज क्रिकेट लॉजिक पर आधारित नहीं, बल्कि ब्रांड वैल्यू, भावनात्मक जुड़ाव और फ्रेंचाइज़ी मॉडल की मजबूरी से जुड़ा है.
गिरते प्रदर्शन के बावजूद रिटेंशन
रिपोर्ट में कहा गया है कि धोनी का ऑन-फील्ड योगदान पिछले कुछ सालों में स्पष्ट तौर पर कम हुआ है. पिछले छह वर्षों में उन्होंने कोई बड़ी पारी नहीं खेली. उनकी कप्तानी में पिछले सीज़न में CSK 10वें स्थान पर रही, जो टीम के इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन था. इसके बावजूद CSK ने धोनी को अपनी रिटेंशन लिस्ट में शामिल किया.
क्यों CSK ने औसत प्रदर्शन के बावजूद धोनी को रिटेन किया?
रिपोर्ट कहती है कि धोनी अब CSK के लिए सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि सबसे बड़ा ब्रांड हैं. फ्रेंचाइज़ी की मार्केटिंग, फैन-एंगेजमेंट और स्पॉन्सरशिप का बड़ा हिस्सा धोनी पर निर्भर है. उनके एक हेलीकॉप्टर शॉट या स्टंपिंग को देखने के लिए दर्शक स्टेडियम भर देते हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि धोनी की मौजूदगी को एक आर्ट इंस्टॉलेशन जो मैदान पर हमेशा निर्णायक नहीं होता, लेकिन हमेशा जरूरी होता है.
परफॉर्मेंस से ज्यादा ब्रांड मायने रखता है
IPL में फ्रेंचाइज़ी को खराब सीज़न से कोई बड़ा नुकसान नहीं होता और ना ही रेलेगेशन का खतरा रहता है, प्राइज मनी कम होने से आर्थिक जोखिम भी कम रहता है. ऐसे में फ्रेंचाइज़ी के लिए खिलाड़ी का ब्रांड वैल्यू क्रिकेट प्रदर्शन की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है.
जडेजा को छोड़कर धोनी को रखना
एक और दिलचस्प बिंदु यह उठाया गया कि CSK ने ऑल-राउंडर रवींद्र जडेजा जैसे स्टार खिलाड़ी को रिटेन नहीं किया लेकिन 44 वर्षीय धोनी को जगह दी. रिपोर्ट के अनुसार धोनी की मौजूदगी जडेजा या रैना जैसे खिलाड़ियों के नेतृत्व को उभरने नहीं देती, ठीक जैसे बरगद का पेड़ छोटी पौधों को छाया में रखता है. चेन्नई फ्रैंचाइज़ी हमेशा से वफादारी और अनुभवी खिलाड़ियों को महत्व देती रही है. रिपोर्ट के अनुसार, धोनी CSK के लिए सिर्फ कप्तान या खिलाड़ी नहीं, बल्कि टीम की पहचान बन चुके हैं.