Bihar Sarkar: बिहार की राजनीति हमेशा से अनिश्चितता, समीकरणों और अचानक बदलने की लिए जानी जाती है. इस बार भी कुछ अलग नहीं हो रहा है.2025 के विधानसभा चुनाव ने बिहार की सत्ता को एक बार फिर घुमा दिया है, बीजेपी जेडीयू की पुरानी साझेदारी एक नए मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है.
दो दशकों से चली आ रही है बीजेपी जेडीयू की दोस्ती
बीजेपी और जेडीयू का रिश्ता अटल बिहारी वाजपाई और लाल कृष्ण आडवाणी के दौर से शुरू हुई यह राजनीतिक दोस्ती कई बार परखी गई, कई बार तो यह रिश्ता ऐसा टूटा कि कभी जुड़े न, नीतीश कुमार ने हमेशा यह रिश्ता बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह के समय में इस दोस्ती ने कई उतार चढ़ाव देखे.
2020 में चिराग फैक्टर ने किया कमजोर, 2025 में हुई वापसी
2020 में विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने अकेले चुनाव लड़कर जेडीयू को काफी बड़ा नुकसान पहुंचाया. राजनीतिक विश्लेषक का भी यह माना जा रहा था कि बीजेपी ने भी चिराग के अभियान में अप्रत्यक्ष रूप से मौन समर्थन दिया था.यही रणनीति से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री तो बने लेकिन मजबूरी में, यही इस बार जेडीयू को 85 सीटों का समर्थन मिला है. हालांकि बीजेपी जेडीयू से 4 सीट आगे है. राजनीतिक समीकरण कह रहे हैं कि नीतीश कुमार के पास इस कमी को कभी भी बराबर करने की क्षमता है. यही वजह है कि नीतीश कुमार अब हर कदम सोच समझकर उठा रहे है.
नीतीश का तुम डाल डाल में पात पात
नीतीश कुमार यह भी दिखा रहे हैं कि अगर आने वाले समय पर बीजेपी को छोड़कर अपने दम पर सरकार बना सकते हैं, विपक्षी दलों की ओर से भी उन्हें समर्थन का पूरा भरोसा है. बीजेपी भी इस बात को समझ रही है कि नीतीश को छेड़ना भारी पड़ सकता है. इसीलिए बीजेपी प्रदेश नेतृत्व तो उन्हें मुख्यमंत्री मान चुका है पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की ओर से अब तक स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है यही बड़े सवाल की वजह है. इनकी चुप्पी कई बड़े सवालों को जन्म दे रही है.
कब लेंगे इस्तीफा, या कुछ ओर है रणनीति
नीतीश कुमार अब तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं लिए इसका बड़ा कारण या माना जा रहा है, कि वह तभी पद छोड़ेंगे जब उन्हें एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा यानी साफ संकेत है, की शर्तो पर समझौता नहीं होगा.
कब कौन कहा किस पद के होंगे?
वही गांधी मैदान में शपथ ग्रहण को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है मंत्री पदों को लेकर भी तस्वीर उभरने लगी है, जहां बीजेपी कोटे से दो उपमुख्यमंत्री तय है. विधानसभा अध्यक्ष को लेकर के जदयू और बीजेपी के बीच रस्साकसी चालू है. विजय कुमार चौधरी विजेंद्र यादव श्रवण कुमार जेडीयू के संभावित नाम है, वही विजय सिन्हा, प्रेम कुमार, नीतीश मिश्रा भाजपा के संभावित नाम है.
वही चिराग पासवान अपनी किसी विधायक को उपमुख्यमंत्री बनाना चाहते थे लेकिन बीजेपी ने उन्हें मना लिया है भाजपा से 15 से 16, जेडीयू से 14 (मुख्यमंत्री को छोड़कर), लोजपा(रा) से 3, हम और आरएलएम से 1–1 मंत्री बनाए जाएंगे.
19 नवम्बर को होगी तस्वीर साफ
सूत्रों के अनुसार 19 नवंबर को नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं और फिर शपथ लेकर चौथी बार एनडीए सरकार के मुखिया बन सकते हैं और 10वीं 12वीं के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे, तभी सारे संकेतों पर पुनर्विराम लगेगा.