Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) कानूनी रूप से भारत का ही हिस्सा है। इसलिए LoC (नियंत्रण रेखा) के आर-पार होने वाला व्यापार (cross-LoC trade) अंतरराष्ट्रीय नहीं बल्कि देश के अंदर का व्यापार माना जाएगा।
क्या था मामला?
साल 2008 से भारत और PoK के बीच कुछ सीमित वस्तुओं का व्यापार LoC के ज़रिए किया जा रहा था। इसे दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने की एक पहल माना गया था। यह व्यापार पहले बार्टर सिस्टम (वस्तु के बदले वस्तु) के तहत होता था और उस पर कोई टैक्स नहीं लगता था। लेकिन साल 2017 में जब देश में GST लागू हुआ, तब भी इस व्यापार को टैक्स से अलग नहीं रखा गया। इसके बाद टैक्स विभाग ने कई व्यापारियों को नोटिस भेजकर GST वसूली की बात कही।
व्यापारियों की दलील और अदालत का जवाब
व्यापारियों का कहना था कि यह सामान्य व्यापार नहीं है, बल्कि एक खास तरह का सीमा पार व्यापार है, इसलिए इस पर GST नहीं लगाया जाना चाहिए। लेकिन हाईकोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी और कहा कि चूंकि PoK भारत का हिस्सा है, इसलिए वहां से होने वाला व्यापार देश के भीतर का व्यापार (Intra-State Trade) माना जाएगा और उस पर GST लागू होगा।
इस फैसले के क्या मायने हैं?
LoC के जरिए हुए सभी व्यापार पर अब GST देना जरूरी होगा और 2017 से 2019 तक जिन व्यापारियों ने टैक्स नहीं दिया, उन पर बकाया टैक्स और जुर्माना लग सकता है. यह फैसला भारत के उस पुराने रुख को फिर से मजबूत करता है कि PoK भारत का अभिन्न हिस्सा है
पहले क्यों बंद हुआ था यह व्यापार?
सुरक्षा कारणों और तस्करी की आशंका के चलते साल 2019 में LoC पार व्यापार को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। बता दें कि खुफिया एजेंसियों द्वारा जारी एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इस रास्ते का दुरुपयोग नशीले पदार्थों, हथियारों और नकली नोटों की सप्लाई के लिए किया जा रहा है. इस लिए सरकार ने यह फैसला किया था.