क्या होता है रेज बेट का हिंदी मीनिंग..जिसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने वर्ड ऑफ द ईयर चुना

Word of the Year : दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थाओं में से एक Oxford University Press ने साल 2025 के लिए रेज बेट (Rage Bait) को अपना वर्ड ऑफ द ईयर घोषित किया है. इस शब्द का चयन तीन दिन तक चले सार्वजनिक मतदान के बाद किया गया, जिसमें 30,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के मुताबिक, बीते 12 महीनों में रेज बेट शब्द के इस्तेमाल में तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह शब्द आज के डिजिटल युग की एक बड़ी सच्चाई को उजागर करता है, जिसका अर्थ है ऑनलाइन गुस्सा भड़काकर लोगों से जबरन रिएक्शन लेना.

क्या होता है रेज बेट?

रेज बेट उस तरह के ऑनलाइन कंटेंट को कहा जाता है, जिसे जानबूझकर लोगों को गुस्सा दिलाने के उद्देश्य से बनाया जाता है. इसका मकसद लोगों को भड़काना,ज्यादा से ज्यादा कमेंट, शेयर और व्यूज़ हासिल करना और वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर ट्रैफिक बढ़ाना होता है. यह क्लिकबेट की तरह ही होता है, लेकिन इसमें जिज्ञासा नहीं बल्कि गुस्से की भावना को भड़काया जाता है.

रेज बेट शब्द की शुरुआत कब हुई?

रेज बेट शब्द का पहला रिकॉर्ड 2002 में यूजनेट (Usenet) पर मिला था. उस समय इसका इस्तेमाल एक ड्राइवर द्वारा दूसरे ड्राइवर को जानबूझकर उकसाने के संदर्भ में हुआ था. बाद में यह शब्द इंटरनेट स्लैंग का हिस्सा बन गया और आज यह न्यूज़रूम , सोशल मीडिया और दूसरे कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री में एक आम शब्द बन चुका है.

सार्वजनिक वोटिंग में कैसे बना वर्ड ऑफ द ईयर?

ऑक्सफोर्ड की इस स्पर्धा में तीन शब्द रेज बेट (Rage Bait),ऑरा फार्मिंग (Aura Farming) और बायोहैक (Biohack) फाइनल में थे.आखिरकार लोगों की वोटिंग से रेज बेट को 2025 का सबसे प्रभावशाली शब्द चुना गया. Casper Grathwohl, जो Oxford Languages के अध्यक्ष हैं, उन्होंने कहा कि रेज बेट शब्द का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि लोग अब ऑनलाइन मैनिपुलेशन को पहचानने लगे हैं. पहले इंटरनेट जिज्ञासा से क्लिक हासिल करता था, अब वह भावनाओं को हाईजैक कर रिएक्शन पैदा कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि यह बदलाव इस बात को दर्शाता है कि टेक्नोलॉजी से संचालित दुनिया में इंसानी भावनाएं अब सबसे बड़ा हथियार बन चुकी हैं.

कौन करता है रेज बेट का इस्तेमाल

साल 2024 का वर्ड ऑफ द ईयर था ब्रेन रॉट (Brain Rot), जिसका मतलब था सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे लगातार स्क्रॉल करने से होने वाली मानसिक थकान ,खासतौर पर Instagram और TikTok जैसे प्लेटफॉर्म इस समस्या के बड़े कारण माने गए. ग्रैथवोल के मुताबिक ब्रेन रॉट और रेज बेट मिलकर एक ऐसा डिजिटल दुष्चक्र बनाते हैं. जहां गुस्सा – ज्यादा एंगेजमेंट-ज्यादा एंगेजमेंट – मानसिक थकावट का कारण बनता है. डिजिटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि रेज बेट न सिर्फ समाज में नफरत और ध्रुवीकरण बढ़ाता है बल्कि युवाओं की मानसिक सेहत पर भी गहरा असर डाल रहा है इस तरह का कंटेंट लोगों को सोच-समझकर प्रतिक्रिया देने के बजाय भावनात्मक रूप से भड़काकर तुरंत रिएक्ट करने पर मजबूर करता है.

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