Bihar News : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) खर्मास समाप्त होते ही एक बार फिर राज्य की जनता के बीच उतरने जा रहे हैं. 16 जनवरी से मुख्यमंत्री अपनी 16वीं यात्रा की शुरुआत करेंगे. इस यात्रा को ‘समृद्धि यात्रा’ नाम दिया गया है. यह मुख्यमंत्री के रूप में उनकी 15वीं यात्रा होगी. मुख्यमंत्री की यह यात्रा राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने, विकास कार्यों की समीक्षा करने और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है.
वेस्ट चंपारण से होगी 38 जिलों में दौरे की शुरुआत
सरकारी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री की यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण से हो सकती है. इसके बाद वे राज्य के सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे. यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न जिलों में सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे,विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे,नई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे,आम जनता से संवाद करेंगे और जनसमस्याओं को मौके पर सुनकर समाधान के निर्देश देंगे. इस यात्रा में मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ताकि मौके पर ही फैसले लिए जा सकें.
मुख्य सचिव ने दिए तैयारी के निर्देश
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों को यात्रा की तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. जिला प्रशासन को कहा गया है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में किसी तरह की अव्यवस्था न हो और योजनाओं की रिपोर्ट पूरी तैयारी के साथ प्रस्तुत की जाए.
योजनाओं की होगी सख्त समीक्षा
मुख्यमंत्री यात्रा के दौरान जिन प्रमुख विभागों की योजनाओं की समीक्षा करेंगे, उनमें शामिल हैं स्वास्थ्य,शिक्षा,कृषि,ग्रामीण विकास,सड़क और पुल निर्माण,सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण जैसे योजनाओं पर सरकार का फोकस खासतौर पर गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर रहेगा. जेडीयू नेताओं का कहना है कि ठंड के मौसम में भी मुख्यमंत्री का यात्रा पर निकलना यह दिखाता है कि वे बिहार के विकास को लेकर कितने गंभीर हैं. पार्टी नेताओं के मुताबिक यह यात्रा विकास कार्यों में तेजी लाने और अफसरशाही की जवाबदेही तय करने का एक मजबूत माध्यम बनेगी.
विपक्ष ने कसा तंज
वहीं विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस यात्रा को लेकर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की यात्राएं उनकी राजनीति का हिस्सा रही हैं. हालांकि RJD ने फिलहाल सरकार को काम करने का वक्त देने की बात कही है. तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर अभी कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि सरकार की नीतियों पर नजर रखी जा रही है.