पप्पू यादव ने उठाई सरकार के खिलाफ अवाज तो गिरफ्तारी पक्की..! पुलिस के टाइमिंग पर फिर उठे सवाल

Pappu Yadav Arrested: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को 6 फरवरी की आधी रात पटना पुलिस ने 1995 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी ऐसे समय हुई जब पप्पू यादव लगातार बिहार सरकार और पटना पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे थे. उन्होंने हाल में चर्चित NEET स्टूडेंट रेप-मर्डर केस में कई सवाल उठाए थे और दावा किया था कि पटना पुलिस मंत्री के बेटे को बचा रही है. जिसको लेकर विपक्ष उनकी गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर प्रतिशेध का आरोप लगा रहा है, सोशल मीडिया पर भी उनके गिरफ्तारी को लेकर तमाम तरह के आरोप लगाए जा रहें हालांकि यह पहली बार नहीं जब पप्पू यादव के गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हों.

3 घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पप्पू यादव की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम और उनके समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. करीब तीन घंटे तक चली बहस और नोकझोंक के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ी और वे बेहोश हो गए. जानकारी के लिए बता दें कि गिरफ्तारी से पहले वे बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर लगातार हमले कर रहे थे. उनका आरोप था कि पटना के एक हॉस्टल से नेताओं के लिए लड़कियों की सप्लाई होती है और पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही. उन्होंने NEET स्टूडेंट रेप-मर्डर केस में निष्पक्ष जांच की मांग भी की थी.

1989 के अपहरण केस में गिरफ्तारी

इससे पहले 2021 में भी उनकी गिरफ्तारी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था. 7 मई 2021 को पप्पू यादव ने छपरा पहुंचकर BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी के गांव में 25 से अधिक एंबुलेंस ढंके होने का मामला उजागर किया था. उन्होंने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि एंबुलेंस का उपयोग बालू (रेत) ढोने में हो रहा है. इस मामले ने राज्य की राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी थी.इसके बाद छपरा और पटना में उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हुए. 11 मई 2021 की सुबह पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास पर पांच थानों की पुलिस पहुंची और कोरोना गाइडलाइन उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया.

दिनभर थाने में रखने के बाद पुलिस ने शाम को 1989 के एक अपहरण मामले में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया. पप्पू यादव ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी. उन्हें मधेपुरा कोर्ट में पेश कर वीरपुर जेल भेजा गया. जेल में तबीयत बिगड़ने पर 13 मई 2021 को उन्हें DMCH में भर्ती कराया गया. 1 जून 2021 को मधेपुरा सेशन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया. करीब पांच महीने जेल में रहने के बाद 3 अक्तूबर 2021 को मधेपुरा स्पेशल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया, जिसके बाद वे जेल से बाहर आए.

राजनीतिक हलकों में हलचल

ताजा गिरफ्तारी ने एक बार फिर बिहार की राजनीति को गरमा दिया है. विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश पर की गई है. कुल मिलाकर एक बार फिर से पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *