राज्यसभा चुनाव में मजबूत एनडीए को टक्कर दे पाएगा विपक्ष…? JDU और BJP के उम्मीदवारों पर सस्पेंस बरकरार !

Bihar politics : बिहार में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha election) में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है. माना जा रहा है कि एनडीए पांचों सीटों पर जीत हासिल कर सकता है.

राम नाथ ठाकुर को फिर मिल सकता है मौका

राम नाथ ठाकुर को एक और कार्यकाल के लिए दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की संभावना है. वे पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं. हाल ही में कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. जेडीयू अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उनकी विरासत पर जोर दे रही है. जिन नेताओं का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है, उनमें जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह और राम नाथ ठाकुर, आरजेडी के प्रेम चंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह, तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं.

विधानसभा में एनडीए की बढ़त

243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायक हैं. ऐसे में उसे चार सीटें लगभग तय मानी जा रही हैं. राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 41 वोट चाहिए. अगर मुकाबला होता भी है, तो एनडीए को पांचवीं सीट जीतने के लिए सिर्फ तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. वहीं आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के 5 और बहुजन समाज पार्टी का 1 विधायक है. संख्या 41 तक पहुंचती है, लेकिन संयुक्त उम्मीदवार पर सहमति बनना मुश्किल माना जा रहा है.

हरिवंश को फिर मौका मिलना मुश्किल?

सूत्रों के अनुसार, हरिवंश नारायण सिंह को तीसरा कार्यकाल मिलने की संभावना कम है. अब तक जेडीयू के केवल कुछ नेताओं को दो से ज्यादा बार राज्यसभा भेजा गया है. चर्चा है कि पूर्व नौकरशाह और जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा को उम्मीदवार बनाया जा सकता है.

बीजेपी के उम्मीदवारों पर सस्पेंस

बीजेपी की ओर से अभी उम्मीदवारों के नाम तय नहीं हैं. संभावित नामों में नितिन नवीन, रमा देवी, नंद किशोर यादव और ऋतुराज सिन्हा शामिल बताए जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार चुन सकती है. उपेंद्र कुशवाहा की स्थिति सबसे दिलचस्प मानी जा रही है. खबर है कि वे अपने बेटे के लिए विधानसभा या परिषद में जगह चाहते हैं. हालांकि, उनके अपने विधायकों में भी मतभेद की बात सामने आ रही है. फिलहाल, एनडीए के अन्य सहयोगी दल, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) पांचवीं सीट पर दावा नहीं कर रहे हैं. माना जा रहा है कि ये दल विधान परिषद (एमएलसी) सीटों को लेकर बातचीत कर रहे हैं.

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