US-Israel Iran Strike Latest News : मिडिल ईस्ट में तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को ईरान पर सैन्य हमले किए. दोनों देशों ने इसे संयुक्त ऑपरेशन बताया है. इज़रायल का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी नेतृत्व में पहले से योजनाबद्ध थी.
मिडिल ईस्ट देशों में अस्थायी रूप से बंद हुआ एयरस्पेस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि कार्रवाई आवश्यक थी. इस दौरान ईरान के कई शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. जवाबी कार्रवाई में तेहरान ने करारा जवाब देने का दावा करते हुए इज़रायल और मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई मिडिल ईस्ट देशों ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. विभिन्न सरकारों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर गैर-जरूरी यात्रा और मूवमेंट से बचने की अपील की है.
ईरानी स्टेट मीडिया ने की खामेनेई के निधन की पुष्टि
इसी बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. राष्ट्रपति ट्रंप और इज़रायली नेतृत्व ने दावा किया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए हैं. बाद में ईरानी स्टेट मीडिया ने भी खामेनेई के निधन की पुष्टि की. हालांकि स्वतंत्र स्रोतों से इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है. इस संघर्ष में ईरान को हिजबुल्ला और हुती विद्रोही का समर्थन मिलने की बात कही जा रही है, जबकि इज़रायल को अमेरिका का खुला समर्थन प्राप्त है. ईरान ने कहा है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा और संघर्ष जारी रखेगा.
मिडिल ईस्ट में सुरक्षा अलर्ट
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक वार्ताएं जारी थीं. गुरुवार को जिनेवा में दोनों पक्षों के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई थी और नए दौर की वार्ता प्रस्तावित थी. लेकिन ताज़ा सैन्य कार्रवाई ने इस कूटनीतिक प्रक्रिया के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इससे पहले अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने बढ़ते खतरे को देखते हुए इज़रायल से गैर-जरूरी दूतावास कर्मियों को हटाने की अनुमति दी थी. मौजूदा हालात में पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें क्षेत्र के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं.