Masan Holi Varanasi : शिवनगरी वाराणसी में होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सदियों पुरानी आस्था और परंपराओं का जीवंत उत्सव है. यहां रंगभरी एकादशी से ही होली की शुरुआत मानी जाती है. इस दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ को रंग अर्पित कर काशीवासी होली खेलने की अनुमति मांगते हैं. इसके बाद शहर में सबसे पहले मां चौसठ्ठी देवी को गुलाल चढ़ाने की परंपरा निभाई जाती है.
चौसठ्ठी देवी को पहला गुलाल
दशाश्वमेध घाट के पास स्थित चौसठ्ठी योगिनी मंदिर होली की शाम अबीर-गुलाल के रंगों से सराबोर हो जाता है. मान्यता है कि बिना मां चौसठ्ठी को गुलाल अर्पित किए काशी में होली अधूरी मानी जाती है. रंग-फाग खेलने से पहले श्रद्धालु मुट्ठी भर अबीर-गुलाल लेकर मंदिर पहुंचते हैं और तंत्र की इस देवी से मुक्ति, सुख और शांति की कामना करते हैं. स्थानीय लोग इस परंपरा को लेकर बताते हैं कि होली के दिन मां चौसठ्ठी देवी को गुलाल चढ़ाना अनिवार्य परंपरा है. उनके आशीर्वाद के बाद ही काशी में रंगोत्सव की शुरुआत होती है.
64 योगिनियों का स्वरूप
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चौसठ्ठी देवी 64 योगिनियों का समष्टि स्वरूप हैं. स्कंद पुराण के काशीखंड में उल्लेख मिलता है कि इनका दर्शन और पूजन करने से पापों का नाश होता है. नवरात्र के दौरान यहां विशेष पूजन-अर्चन का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. जानकारों के अनुसार प्राचीन काल में काशी पर राजा दिवोदास का शासन था. उस समय देवताओं के आग्रह पर भगवान शिव कैलाश चले गए थे. लेकिन बाद में बाबा विश्वनाथ ने 64 योगिनियों को काशी भेजा. काशी की महिमा से आकर्षित होकर योगिनियां यहीं निवास करने लगीं और आज चौसठ्ठी देवी के रूप में पूजित हैं. दावा किया जाता है कि चौसठ्ठी घाट का निर्माण 16वीं शताब्दी में बंगाल के राजा प्रतापादित्य ने कराया था. बाद में 18वीं शताब्दी में राजा दिग्पतिया ने इसका पुनर्निर्माण कराया. मंदिर परिसर में महिषासुर मर्दिनी और मां भद्र काली की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं.
नवरात्र और होली पर उमड़ती है भीड़
नवरात्र और होली के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. होली की शाम विशेष पूजा के बाद भक्त अबीर-गुलाल अर्पित कर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. आस्था, परंपरा और रंगों का यह संगम काशी की सांस्कृतिक पहचान को और भी विशिष्ट बनाता है, जहां हर त्योहार धर्म और लोकजीवन के गहरे संबंध की गवाही देता है.