Bihar politics : बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने को लेकर कई सवाल चर्चा में है? इस चर्चा के बीच मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान जनता, खासकर महिलाओं की की प्रतिक्रिया सामने आई है. सुपौल और मधेपुरा में आयोजित कार्यक्रमों में कई महिलाओं ने खुलकर कहा कि वे नहीं चाहतीं कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़कर दिल्ली जाएं.
महिलाओं ने किया नीतीश के फैसले का विरोध
मधेपुरा में मुख्यमंत्री की सभा में शामिल महिलाओं से जब यह पूछा गया कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो इस पर उनकी क्या राय है, तो अधिकांश महिलाओं ने इसका विरोध किया. महिलाओं का कहना था कि पिछले लगभग दो दशकों में राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू हुईं, जिनसे उन्हें सीधे लाभ मिला है. इसी वजह से वे चाहती हैं कि नीतीश कुमार बिहार में ही रहकर नेतृत्व करते रहें. कार्यक्रम में शामिल एक महिला ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उन्हें कई सुविधाएं मिली हैं, बिजली, आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ. उनका मानना है कि इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है. महिलाओं ने यह भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री राज्य छोड़कर दिल्ली चले जाते हैं तो इन योजनाओं की निरंतरता को लेकर उन्हें चिंता है.
महिलाओं का बड़ा वोट बैंक नीतीश कुमार के साथ
बिहार की राजनीति में यह भी चर्चा है कि जनता के बीच विशेषकर महिलाओं का एक बड़ा वोट बैंक नीतीश कुमार के साथ जुड़ा हुआ है. शराबबंदी और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को इस समर्थन का प्रमुख कारण माना जाता है. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब तक सार्वजनिक मंचों से राज्यसभा जाने या मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है. वहीं उनकी पार्टी Janata Dal (United) के कुछ नेताओं के बयान इस चर्चा को और तेज कर रहे हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता Vijay Kumar Chaudhary ने एक सभा में कहा कि भले ही मुख्यमंत्री राज्यसभा जाएं, लेकिन बिहार और इसकी राजनीति से उनका संबंध बना रहना चाहिए.
व्यक्तिगत नहीं नीतीश कुमार का फैसला : विपक्ष
दूसरी ओर विपक्षी दल Rashtriya Janata Dal का आरोप है कि यह फैसला नीतीश कुमार का व्यक्तिगत नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव का परिणाम हो सकता है. हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसी बीच जेडीयू के भीतर यह भी चर्चा है कि यदि मुख्यमंत्री पद खाली होता है तो आगे नेतृत्व कौन संभालेगा. कुछ नेताओं की ओर से Nishant Kumar का नाम भी सामने आया है, हालांकि इस पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है.फिलहाल मुख्यमंत्री की चुप्पी और पार्टी नेताओं के बयानों के बीच बिहार की राजनीति में अटकलों का दौर जारी है. आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि नीतीश कुमार राज्य की राजनीति में सक्रिय रहेंगे या राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाएंगे.