झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमानत दे दी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन को 31 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और 2 फरवरी को एक स्थानीय अदालत ने उन्हें ईडी रिमांड पर भेज दिया था। उच्च न्यायालय ने 13 जून को सोरेन की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोरेन के वरिष्ठ वकील अरुणभ चौधरी ने पीटीआई को बताया, सोरेन को जमानत दे दी गई है। अदालत ने माना है कि प्रथम दृष्टया वह अपराध के लिए दोषी नहीं है और जमानत पर रहने के दौरान याचिकाकर्ता द्वारा अपराध करने की कोई संभावना नहीं है। ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद जेएमएम अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अपनी याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री ने ईडी पर आरोप लगाया कि उन्हें केंद्र की सुनियोजित साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया है। 48 वर्षीय राजनेता फिलहाल बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं।
हेमंत सोरेन के खिलाफ मामला
जांच विशेष रूप से रांची में 8.86 एकड़ के भूखंड पर केंद्रित है, जिसके बारे में ईडी का दावा है कि सोरेन ने अवैध रूप से अधिग्रहण किया है। यह जांच झारखंड पुलिस द्वारा भूमि घोटाले के मामलों में राज्य सरकार के अधिकारियों सहित कई लोगों के खिलाफ दर्ज की गई कई एफआईआर से उपजी है। ईडी फर्जी दस्तावेजों की आड़ में फर्जी विक्रेता और खरीदार दिखाकर बड़ी मात्रा में जमीन हासिल करने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर करने से होने वाले अपराध की बड़ी आय के आरोपों की जांच कर रहा है।