पटना में BPSC अभ्यर्थियों पर 5 बार लाठीचार्ज, प्रदर्शन के दौरान कई छात्र घायल

पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों (BPSC Candidates) पर रविवार देर शाम पटना में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की. प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में लाठीचार्ज किया, जिसके कारण कई छात्र घायल हो गए. इस दौरान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रहमांशु सर समेत एक दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों को पुलिस ने डिटेन भी किया.

BPSC Candidates का प्रदर्शन का जारी

BPSC अभ्यर्थी रविवार को पटना के गांधी मैदान में सुबह से ही जुटने लगे थे. उनकी मुख्य मांग थी कि बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को पूरी तरह से रद्द किया जाए, क्योंकि अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा में अनियमितताएं और गड़बड़ियां हुई हैं. इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रशांत किशोर और उनके समर्थक कर रहे थे.

शाम करीब पांच बजे अभ्यर्थी सीएम आवास तक पैदल मार्च करने के लिए निकले. लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई. हालांकि, प्रदर्शनकारी इन बैरिकेड्स को तोड़ते हुए आगे बढ़ते रहे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. फिर भी जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे, तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन पर लाठीचार्ज किया.

प्रशांत किशोर का बयान और बातचीत का प्रस्ताव

प्रदर्शन के दौरान प्रशांत किशोर, जो खुद इस आंदोलन का समर्थन कर रहे थे, ने छात्रों को संबोधित किया और कहा कि उनकी लड़ाई न्याय के लिए है. उन्होंने छात्रों को सरकार से बातचीत करने का आह्वान किया. इसी बीच, देर शाम बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने अभ्यर्थियों से बातचीत करने का प्रस्ताव रखा.

प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव से मिलेगा और अपनी समस्याओं को सामने रखेगा. उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्रों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो कल (सोमवार) को आंदोलन के अगले चरण की रणनीति बनाई जाएगी. इसके बाद पीके वहां से निकल गए, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र जेपी गोलंबर के पास डटे रहे.

पुलिस की कार्रवाई और लाठीचार्ज

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए अंतिम प्रयास किया और उन्हें चेतावनी दी. इसके बावजूद जब छात्र नहीं हटे, तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस दौरान कई छात्र घायल हो गए और एक दर्जन से अधिक छात्रों को डिटेन कर लिया गया. पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया था.

यह बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज का पांचवां मामला था. इससे पहले, 6 दिसंबर को गर्दनीबाग में तीन बार और 25 दिसंबर को बीपीएससी कार्यालय के पास भी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया था. लगातार पुलिस कार्रवाई के बावजूद, छात्र आंदोलन जारी है और उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा.

आंदोलन में घायल हुए छात्र

लाठीचार्ज और पुलिस के अन्य बल प्रयोग के कारण कई छात्र (BPSC Candidates)घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया, जबकि वे सिर्फ अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतरे थे. इस घटना के बाद पटना में तनाव की स्थिति बनी हुई है, और पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है.

बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग

बीपीएससी अभ्यर्थियों (BPSC Candidates)का मुख्य आरोप है कि 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में कई अनियमितताएं हुई हैं, जिनके कारण कई छात्रों को नुकसान हुआ. उन्होंने परीक्षा के रद्द होने की मांग को लेकर प्रदर्शन करना शुरू किया था. इन छात्रों का कहना है कि उन्हें न्याय की उम्मीद है और जब तक उनकी आवाज सुनी नहीं जाती, तब तक वे विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे.

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