पटना। बिहार में NEET-UG 2024 के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसमें आठ अभ्यर्थियों पर आरोप है कि उन्होंने दूसरे की जगह परीक्षा दी. केंद्रीय जांच एजेंसी, CBI ने राज्य सरकार के अनुरोध पर बिहार पुलिस से यह मामला अपने हाथ में लेते हुए एक नया केस दर्ज किया है.
मामला बिहार के पूर्णिया जिले के एसआरडीएवी पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र से जुड़ा है, जहां मेडिकल प्रवेश परीक्षा 5 मई, 2024 को आयोजित की गई थी. इस परीक्षा में बायोमेट्रिक्स के जरिए यह खुलासा हुआ कि चार असली अभ्यर्थियों की जगह पर अन्य लोग परीक्षा दे रहे थे.
एफआईआर में घोटाले का खुलासा
एफआईआर में बताया गया है कि भोजपुर के नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर के आशीष कुमार की जगह परीक्षा दी, जालौर (राजस्थान) के कमलेश कुमार ने सीवान के धीरज प्रकाश की जगह, बेगूसराय के सौरभ कुमार ने सीतामढ़ी के तथागत कुमार की जगह और सीतामढ़ी के मयंक चौधरी ने मुजफ्फरपुर के दीपक कुमार सिंह की जगह परीक्षा दी. सीबीआई ने इन आठों के खिलाफ नकल, धोखाधड़ी और जालसाजी समेत अन्य गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज किया है.
NEET-UG परीक्षा में लाखों छात्रों की सहभागिता
नीट-यूजी 2024 परीक्षा को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित किया गया था, जो सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है. यह परीक्षा 5 मई, 2024 को 571 शहरों में स्थित 4,750 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें 23 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया था, जिसमें 14 विदेशी शहर भी शामिल थे.
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने CBI को सौंपी जांच
बिहार पुलिस ने पेपर लीक और फर्जीवाड़े(NEET-UG) की सूचना मिलने के बाद मामले में कार्रवाई शुरू की. यह मामला जल्द ही एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदल गया. इसके बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी, जिसने बिहार समेत अन्य राज्यों से जांच शुरू करते हुए कई एफआईआर दर्ज की थीं. सीबीआई ने 23 जून 2024 को इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की थी. सीबीआई अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है, ताकि फर्जीवाड़े में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके.