पटना। भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2025 (Highlights of Budget 2025) पेश किया. बजट में सरकार की ओर से किसानों, युवाओं, महिलाओं, नौकरीपेशों और एमएसएमई समेत विभिन्न वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं लेकर आया. यह बजट ‘GYAN’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) को प्राथमिकता देते हुए देशभर के विकास को सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है.
किसानों के लिए विशेष घोषणाएं
बजट में किसानों के लिए कई योजनाओं (Highlights of Budget 2025)का ऐलान किया गया है. अगले 6 सालों में मसूर, उड़द और तुअर जैसी दालों की पैदावार बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा, कपास की पैदावार बढ़ाने के लिए 5 साल तक मिशन मोड पर काम किया जाएगा, जिससे देश के कपड़ा उद्योग को मजबूती मिलेगी. किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कर्ज की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाएगी, जिससे 7.7 करोड़ किसानों और मछुआरों को लाभ मिलेगा. प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के तहत 100 जिलों में 1.7 करोड़ किसानों को फायदा होगा. इसके अतिरिक्त, एमएसएमई के लिए लोन गारंटी कवर 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है, जिससे 1.5 लाख करोड़ तक का कर्ज उपलब्ध होगा.
युवाओं के लिए कौशल और शिक्षा में सुधार
युवाओं के लिए बजट में कई सकारात्मक घोषणाएं की गई हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारतीय एआई को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये का फंड निर्धारित किया गया है. इसके साथ ही, 2014 के बाद स्थापित पांच IITs में अतिरिक्त अवसंरचना जैसे छात्रावास और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा. मेडिकल शिक्षा में 75,000 नई सीटों का ऐलान किया गया है, जिससे युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के और अवसर मिलेंगे.
इसके अतिरिक्त, छोटे शहरों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं. 88 नए एयरपोर्ट्स के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में 120 नए गंतव्यों तक यात्रा की सुविधा बढ़ाई जाएगी, जिससे युवाओं को रोजगार और यात्रा के अधिक अवसर मिलेंगे.
Highlights of Budget 2025 : महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाएं
महिलाओं के लिए बजट में सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण स्कीम के दूसरे राउंड की घोषणा की गई है, ताकि उनकी स्थिति और बेहतर हो सके. बुजुर्ग नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जिसमें उनकी TDS सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया गया है. इसके अतिरिक्त, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दवाओं पर टैक्स में कमी की गई है, और सभी सरकारी अस्पतालों में कैंसर डे केयर सेंटर की स्थापना की जाएगी.
एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए वित्तीय राहत
एमएसएमई के लिए लोन गारंटी कवर को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है, जिससे छोटे और मंझले उद्योगों को 1.5 लाख करोड़ रुपये तक का कर्ज मिलेगा. इसके साथ ही, स्टार्टअप के लिए लोन की राशि को 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये किया जाएगा. इसके अलावा, उद्यम पोर्टल पर रजिस्टर किए गए सूक्ष्म उद्यमों के लिए 5 लाख रुपये तक की क्रेडिट लिमिट वाले विशेष कस्टमाइज क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे. पहले साल में 10 लाख क्रेडिट कार्ड जारी करने की योजना है.
Highlights of Budget 2025 : बिहार के लिए विशेष पैकेज
बिहार में मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए मखाना बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिससे राज्य के छोटे किसानों और व्यापारियों को लाभ होगा. इसके अलावा, बिहार में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट का निर्माण किया जाएगा, जो राज्य के कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ उद्यमिता और रोजगार के अवसर पैदा करेगा.
Highlights of Budget 2025 : पर्यटन और हवाई यात्रा में सुधार
पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा, और रोजगार प्रेरित विकास के लिए होस्पिटैलिटी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स के लिए कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित(Highlights of Budget 2025) किए जाएंगे. सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ई-वीजा प्रणाली को और बढ़ाने का ऐलान किया है, साथ ही चिकित्सा पर्यटन और स्वास्थ्य लाभ को बढ़ावा देने के उपाय किए गए हैं.
अनुसंधान, विकास और इनोवेशन के लिए बड़ा बजट
रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, ताकि नई तकनीकों और उपायों के विकास में तेजी लाई जा सके. इसके अलावा, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और शहरी कामकाजी वर्ग के लिए भी निवेश की योजनाएं तैयार की गई हैं.
बजट 2025 ने विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास के लिए योजनाओं का ऐलान किया है. इससे न केवल किसानों और युवाओं को लाभ होगा, बल्कि महिलाओं, बुजुर्गों, एमएसएमई, और पर्यटन उद्योग को भी महत्वपूर्ण राहत मिलेगी. सरकार का उद्देश्य आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन के जरिए देश की समृद्धि में इजाफा करना है.