12 घंटे की चर्चा के बाद लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पास, 232 ने विरोध में किया मतदान

waqf amendment bill : बुधवार देर रात लोकसभा में लंबी बहस के बाद वक्फ संशोधन बिल पारित हो गया. इस बिल पर 12 घंटे तक गहन चर्चा चली, जिसके बाद रात 2 बजे मतदान हुआ. मतदान में 520 सांसदों ने भाग लिया, जिसमें से 288 ने बिल के पक्ष में और 232 ने विरोध में मतदान किया.

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को ‘उम्मीद’ (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है. सरकार का दावा है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा.

क्या है waqf amendment bill ?

वक्फ संपत्तियों की देखरेख के लिए 1954 में ‘वक्फ एक्ट’ लागू किया गया था, जिसके तहत ‘सेंट्रल वक्फ काउंसिल’ की स्थापना हुई. 1955 में इस कानून में संशोधन कर हर राज्य में वक्फ बोर्ड बनाए गए. वर्तमान में देशभर में लगभग 32 वक्फ बोर्ड कार्यरत हैं, जो वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन और प्रबंधन करते हैं. कई राज्यों, विशेष रूप से बिहार, में शिया और सुन्नी समुदायों के लिए अलग-अलग वक्फ बोर्ड बनाए गए हैं.

राज्यसभा में पेश किया जाएगा वक्फ संशोधन बिल

1964 में पहली बार ‘सेंट्रल वक्फ काउंसिल’ गठित की गई थी. अब केंद्र सरकार ने इसी कानून में संशोधन करते हुए ‘वक्फ संशोधन बिल’ पेश किया, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को अधिक सुसंगठित और पारदर्शी बनाना है. बिल को लेकर पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस देखने को मिली. जहां सरकार इसे सुधारात्मक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई हैं. अब इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

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