Pahalgam attack : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए घातक आतंकी हमले के एक दिन बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस खूनखराबे से इस्लामाबाद को दूर रखते हुए हिंसा को घरेलू हिंसा और भारत के खिलाफ व्यापक विद्रोह का हिस्सा बताया है.
Pahalgam attack से पाकिस्तान का इससे कोई संबंध नहीं है : पाक रक्षा मंत्री
पाकिस्तान के लाइव 92 न्यूज चैनल को दिए गए इंटरव्यू में आसिफ ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहलगाम के पास बैसरन मैदान में 28 लोगों की हत्या के बाद सऊदी अरब की अपनी हाई-प्रोफाइल यात्रा बीच में ही छोड़कर स्वदेश लौट आए हैं. हालांकि नई दिल्ली ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस पर उंगली नहीं उठाई है, लेकिन आसिफ ने जवाबी हमला शुरू कर दिया है. पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जोर देकर कहा कि हमले से पाकिस्तान का इससे कोई संबंध नहीं है. नागालैंड से लेकर कश्मीर, छत्तीसगढ़, मणिपुर और दक्षिण में तथाकथित भारतीय राज्यों में क्रांतियां हो रही हैं. ये विदेशी हस्तक्षेप की घटनाएं नहीं हैं,बल्कि यह भारत का स्थानीय विद्रोह हैं.
हलांकि यह जग जाहिर है कि पाकिस्तान द्वारा कथित तौर पर समर्थित समूहों से द्वारा सीमा पार आतंकवाद (Pahalgam attack ) को मिल रहे बढ़ावा और जम्मू-कश्मीर में अशांति के पीछे पाक के नापाक इरादे है. लेकिन रक्षा मंत्री आसिफ ने अपने फरेब पर पर्दा डाला और पर्यटकों पर हुए घातक आतंकी हमले को लेकर कहा कि ये लोग अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं. भारत में हिंदुत्ववादी ताकतें अल्पसंख्यकों, ईसाइयों, बौद्धों, मुसलमानों का दमन कर रही हैं जिस पर ये लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.भारत सरकारलोगों के हक को मार रही है. उनका शोषण कर रही है. इसके खिलाफ लोग खड़े हो चुके हैं.
भारत पर पाकिस्तान के अंदरूनी मामलों में दखल देने का आरोप
निहत्थे पर्यटकों (Pahalgam attack )को निशाना बनाकर किए गए हमले के बाद देश में आतंकियों के खिलाफ रोष चरम पर है, ऐसे में आसिफ ने भारत पर पाकिस्तान के अंदरूनी मामलों में दखल देने का आरोप लगाकर कहानी को बदलने की कोशिश की है. उन्होंने कहा भारत बलूचिस्तान में अशांति को प्रायोजित कर रहा है. हमने कई बार, एक बार नहीं, बल्कि बार-बार, पाकिस्तान में अस्थिरता के पीछे भारत के हाथ होने के सबूत पेश किए हैं.
जबकि आसिफ ने दावा किया कि पाकिस्तान किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद का विरोध करता है, उन्होंने सुझाव दिया कि भारत द्वारा अपने नागरिकों के साथ किया जा रहा व्यवहार सशस्त्र प्रतिरोध की ओर ले जा रहा है.अगर सेना या पुलिस मौलिक अधिकारों से वंचित लोगों के खिलाफ अत्याचार कर रही है, तो पाकिस्तान को दोष देना एक सुविधाजनक बहाना बन जाता है.आसिफ की भड़काऊ टिप्पणियों पर भारत सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि ये टिप्पणियां ऐसे संवेदनशील समय में आई हैं,जब धाटी में सुरक्षा तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है.