Pahalgam Terror Attack : जम्मू-कश्मीर की सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसी बैसरन घाटी, जिसे ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ कहा जाता है, बीते दिन एक वीभत्स आतंकी हमले का गवाह बना. छुट्टियों के लिए यहां आए सैकड़ों सैलानियों की ख़ुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब कथित तौर पर सेना की वर्दी में आए आतंकवादियों ने बेरहमी से हमला बोल दिया. इस हमले में अब तक 28* लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. जिसमें नौसेना, एयरफोर्स, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), रेलवे, LIC के अधिकारी समेत कई निर्दोष पर्यटक शामिल हैं.
भारत की आंतरिक एकता को तोड़ने की अंतरराष्ट्रीय साजिश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,हमलावरों ने अचानक घाटी में दस्तक दी. सेना जैसी वर्दी पहने आतंकियों ने पहले सैलानियों से उनका धर्म पूछा और फिर उनमें से कुछ को निशाना बनाकर गोलीबारी शुरू कर दी. यह सुनियोजित हमला ना सिर्फ पर्यटकों को निशाना बनाकर किया गया था बल्कि इसमें भारत की धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक सौहार्द पर सीधा प्रहार था. हमले को लेकर सवाल किए जा रहे.घटना को लेकर देश में आक्रोश की लहर है. आतंकियों की मजहबी नीयत को लेकर लोगों में गहरा ग़ुस्सा है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हमला भारत की आंतरिक एकता को तोड़ने की अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है?
Pahalgam attack : आतंकियों की तलाश तेज
गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर पहुंच गए हैं. वहीं NIA की विशेष टीम भी दिल्ली से श्रीनगर रवाना हो चुकी है और फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी गई है. सेना, सीआरपीएफ, एसओजी, और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इलाके को घेर लिया है. हेलीकॉप्टर और ड्रोन के माध्यम से आतंकियों की तलाश तेज कर दी गई है. मुगल रोड पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
Pahalgam attack : पाक ने झाड़ा हमले से पल्ला
हमले के बाद सभी की नजरें पाकिस्तान पर हैं. हलांकि पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हमले से पल्ला झाड़ते हुए किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है. हालांकि पाकिस्तान में जनरल मुनीर का हालिया बयान, जिसमें उन्होंने ‘कश्मीर को दुखती रग’ बताया था, इस संदर्भ में खासा महत्वपूर्ण हो गया है. इधर पाकिस्तानी वायुसेना की रातभर की असामान्य गतिविधियां, फ्लाइट रडार डेटा में रिकॉर्ड हुई हैं, जो संकेत हैं कि पाकिस्तान को भारत के जवाबी कार्रवाई का डर सता रहा है.
भारत की सहिष्णुता और अखंडता पर सीधी चोट
पहलगाम की खूबसूरत घाटी में हुआ यह हमला न सिर्फ एक जघन्य आतंकी कृत्य था, बल्कि भारत की सहिष्णुता और अखंडता पर सीधी चोट थी. अब देश की निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया पर हैं. भारत पहलगाम में हुए इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया देता है. क्या भारत एक और सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाला है? या इस बार रणनीति कुछ और होगी? आने वाले दिन कश्मीर और दक्षिण एशिया की राजनीति के लिहाज़ से निर्णायक साबित हो सकते हैं.