टारगेट किलिंग के पीछे की नापाक साजिश का पर्दाफाश…! विदेशी मेहमानों की मौजूदगी में क्यों होता है आतंकी हमला ?

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम की बैसरन घाटी में मंगलवार दोपहर करीब 2.45 बजे हुए आंतकी हमले में 28 निर्दोष पर्यटकों की मौत हो गई जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हैं. पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले को 26/11 के बाद हुए सबसे बड़े हमले के तौर पर भी देखा जा रहा है. लेकिन पिछले कुछ सालों में यह पहली बार है जब आतंकियों द्वारा सीधे तौर पर आम नागरिकों को निशाना बनाया गया.

क्या है आतंकियों की मंशा ?

हमले की टाइमिंग और हमले के दौरान आतांकियों की जाहिर मंसूबों ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमला भारत की आंतरिक एकता को तोड़ने की अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है? प्रधानमंत्री का देश से बाहर होना, विदेशी मेहमानों की मौजूदगी, कथित तौर पर धर्म के नाम पर गोली मरना और फिर खुले तौर पर यह चुनौती की जाकर बता दो… हमले की पीछे की नापाक साजिश का पर्दाफाश करती है. जिसके पीछे तो एक ही कारण नजर आता है कि आतंकियों की मंशा वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बंटोरने की है.

2019 में जम्मू-कश्मीर का स्पेशल स्टेटस खत्म

रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का स्पेशल स्टेटस खत्म होने के बाद, जम्मू कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है.जो ना सिर्फ घाटी में हालात सामान्य होने का संकेत था बल्कि कश्मीर में पर्यटन ने स्थानीय रोजगार और व्यवसायों को भी बढ़ावा मिल रहा था लेकिन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर किए गए हमले एक बार फिर से सवाल खड़े कर रहा है. हलाकि ये पहली बार नहीं जब वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बंटोरने के लिए भारत में विदेशी मेहमानों की विजिट के दौरान आम नागरिकों की टारगेट किलिंग की जाती है. पहलगाम की हालिया घटना ने अतीत की वारदातों को फिर से जीवित कर दिया है. जब अंतरराष्ट्रीय प्रचार होने के मकसद से आंतकी विदेशी नेताओं और अधिकारियों के देश में रहने के दौरान नागरिकों पर हमलों को अंजाम देते है.

भारत में VIP दौरे के बीच Terror Attack की पुरानी हिस्ट्री

अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की साल 2000 में 21-25 मार्च की यात्रा से ठीक पहले 20 मार्च की रात को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के चिट्टीसिंहपोरा गांव में 36 सिख ग्रामीणों का नरसंहार किया था.दो साल बाद जब दक्षिण एशियाई मामलों को लेकर अमेरिकी असिस्टेंट सेक्रेटरी क्रिस्टीना बी रोका भारत की यात्रा पर थीं, तब 14 मई, 2002 को जम्मू-कश्मीर के कालूचक के पास एक आतंकवादी हमला हुआ. तीन आतंकवादियों ने मनाली से जम्मू जा रही हिमाचल रोडवेज की बस पर हमला किया और सात लोगों की हत्या कर दी.इसके बाद आतंकी आर्मी क्वार्टर्स में घुस गए और अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 10 बच्चों, आठ महिलाओं और पांच सैन्यकर्मियों सहित 23 लोग मारे गए. मारे गए बच्चों की उम्र चार से 10 साल के बीच थी और इस हमले में कुल 34 लोग घायल हुए थे. और अब यह (Pahalgam Terror Attack)  हमला ऐसे वक्त में हुआ जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सऊदी अरब की यात्रा पर थे.

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