Bihar assembly election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर NDA ने रविवार को सीट शेयरिंग की घोषणा कर दी. इस फैसले के साथ ही बिहार की रणनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अब BJP और JDU दोनों दल बराबरी पर आगी हैं. दोनों को 101–101 सीटें मिली हैं. वही चिराग पासवान की LJP(R) को 29, जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLM को 6 सीट ही मिली.
JDU का बड़े भाई वाला दर्जा खत्म
बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की Jdu को लंबे समय से ने में बड़े भाई का दर्जा प्राप्त था. लेकिन, इस बार सीट शेयरिंग में दोनों दलों की बराबर सीटें मिली हैं.. 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने 122 सीटों पर चुनाव लड़ा था, और बीजेपी को 110 सीट मिली थी. लेकिन अब समीकरण बदल गया है राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव बीजेपी की बढ़ती ताकत और जेडीयू की घटती लोक प्रियता का संकेत है. नीतीश कुमार ने पिछले कुछ सालों में कई बार गठबंधन बदले, 2017 में उन्होंने महागठबंधन छोड़कर एनडीए में वापसी की थी, फिर 2022 में एक बार फिर महागठबंधन में चले गए, लेकिन 2024 में दोबारा एनडीए में लौट आए इस बार भाजपा नेतृत्व ने साफ कर दिया कि दोनों दल बराबर के भागीदार हैं.
चिराग पासवान ने साधा संतुलन
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने इस पर अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है. शुरुआत में उन्होंने 40 सीटों की मांग की थी, जो उन्हें नहीं मिली लेकिन लंबी बातचीत के बाद 29 सीटों पर सहमति बनी जो उनके लिए संतोषजनक मानी जा रही है.
2020 के चुनाव में चिराग ने एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ा था, और उनकी पार्टी ने जदयू के खिलाफ प्रचार किया था. तब उन्हें एक भी सीट नहीं मिली थी, लेकिन कई जगहों पर उनकी वजह से जेडीयू के उम्मीदवार हारे थे. इसके बाद उनकी पार्टी में विभाजन हुआ उनके चाचा पशुपति कुमार पारस ने अलग गुट बना लिया, लेकिन अब चिराग ने खुद को फिर से स्थापित कर लिया है. 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया, जिसकी वजह से इस बार उन्हें अधिक सीट मिली है.
मांझी की नाराजगी, कुशवाहा का भावुक संदेश
हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेकुलर) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी जी को केवल 6 सीट ही दिए हैं. उन्होंने 40 सीटों की मांग की थी. सीट शेयरिंग के बाद पहले तो उन्होंने कहा की वे संतुष्ट है. लेकिन बाद में तेवर दिखाते हुए बयान दिया. मांझी ने कहा, “आलाकमान ने जो फैसला लिया है, वह स्वीकार हैं, हमें सिर्फ 6 सीट देकर उन्होंने हमारी अहमियत कम आंकी है, इसका असर एनडीए पर पड़ सकता है.” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे.
दूसरी ओर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को भी 6 सीट ही मिली. इसके बाद X पर एक लंबा ओर भावुक पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों से माफी मांगी.
उन्होंने लिखा, “आप सभी से क्षमा चाहता हूं आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पाई, मैं समझ रहा हूं, इस निर्णय से आप अपनी पार्टी की उम्मीदवार होने की इच्छा रखने वाले साथियों सहित हजारों लाखों लोगों का मन दुखी होगा. आज कोई घर में खाना नहीं बना होगा, परंतु आप सभी मेरे एवं पार्टी की व्यवस्था और सीमा को बखूबी समझ रहे होंगे.”
आगे लिखा, “ किसी भी निर्णय के पीछे कुछ परिस्थितियों ऐसी होती हैं जो बाहर से दिखती है मगर कुछ ऐसी भी होती है जो बाहर से नहीं दिखती है. हम जानते हैं कि अंदर की परिस्थितियों से अनभिज्ञता के कारण आपके मन में मेरे पति गुस्सा भी होगा, जो स्वाभाविक है. आपसे विनम्र आग्रह है, कि आप गुस्से को शांत होने दीजिए फिर आप स्वयं महसूस करेंगे कि फैसला कितना उचित है या अनुचित पर कुछ आने वाले समय बताएगा.”
दिलीप जायसवाल बोले, पांच पांडव एकजुट होकर लड़ेंगे
दिल्ली से पटना लौटने के बाद बिहार BJP अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा चंडीगढ़ बंधन ने सीटों के बंटवारे की घोषणा कर दिया मैं शुरू से कहता आ रहा हूं, कि हम पांच पांडव यानी BJP, JDU, LJP(R), HAM और RLM बिहार विधानसभा चुनाव पूरी एकजुटता के साथ लड़ेंगे, हमने सबसे पहले सीटों के बंटवारे की घोषण कर दी हैं, आज शाम से उम्मीदवारों की घोषणा भी शुरू कर देंगे.
उन्होंने मांझी और कुशवाहा की नाराजगी के सवाल पर कहा, जीतन राम मांझी जी ने साफ कहा है, की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम सब एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे, किसी को कोई नाराजगी नहीं है हम सब मिलकर बिहार में एनडीए की सरकार बनाएंगे.
जल्द आएगी उम्मीदवारो की लिस्ट
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सीट शेयरिंग पर प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा “सीट का बंटवारा हो गया है, सभी दलों के साथ चर्चा करके यह फैसला लिया गया है, अब जल्दी उम्मीदवारों की सूची आएगी हम सब मिलकर प्रचार करेंगे और जनता के बीच विकास का संदेश लेकर जाएंगे” उन्होंने कहा, कि “पिछले कुछ सालों में बिहार में काफी विकास हुआ है और एनडीए इसी आधार पर चुनाव लड़ेगी.”
महागठबंधन में अभी भी उलझा है बंटवारा
जहां NDA गठबंधन ने सीट शेयरिंग की घोषणा कर दी, वहीं विपक्षी महागठबंधन में अभी तक सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के बीच बातचीत जारी है. लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया
सूत्रों के अनुसार राजद 130 135 सीटों पर जोर दे रही है, जबकि कांग्रेस 70 75 सीट चाहती है. इसके अलावा कम्युनिस्ट पार्टी CPI, CPI–M, CPI–ML, अपने हिस्से की मांग कर रही हैं.
राजनीतिक जानकारो का कहना है की सीट शेयरिंग में देरी से महागठबंधन को नुकसान हो सकता है. उम्मीदवारों के चयन और प्रचार के लिए कम समय मिलेगा. वहीं एनडीए ने जल्दी फैसला लेकर पहले बढ़त ले ली है.
तेजस्वी यादव ने हाल ही में कहा था, की महागठबंधन जल्दी सेसीट शेयरिंग की घोषणा करेगा, उन्होंने भरोसा जताया है, कि सभी दल मिलकर एकजुट होकर लड़ेंगे और NDA को हराएंगे. लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई हैं.