दशहरा पर बिहार की सियासत में राम-रावण की लड़ाई, पक्ष-विपक्ष का एक दूसरे पर तंज

Bihar politics : विजयादशमी के मौके पर बिहार की राजनीति में रावण को लेकर घमासान छिड़ गया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने एक-दूसरे पर हमले के लिए सोशल मीडिया को हथियार बनाया. जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार वीडियो जारी कर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को रावण की छवि में दिखाया, तो वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को कलयुग का रावण बताया. इसके जवाब में राजद ने भी रावण जैसी सरकार का अंत होने की बात कहते हुए सत्तारूढ़ गठबंधन पर पलटवार किया.

जदयू का AI वीडियो

जदयू के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किए गए 32 सेकेंड के इस AI वीडियो में लालू यादव को रावण के रूप में दिखाया गया है. वीडियो में रावण के सिरों पर अपराध, अपहरण, लूट, हत्या, छिनतई, जातीय हिंसा, रंगदारी और भ्रष्टाचार जैसे शब्द लिखे गए हैं. वीडियो में एक युवक को रावण दहन करते दिखाया गया है, जिसके ऊपर लिखा है कि बिहार की जनता. वीडियो के अंत में स्लोगन आता है ,बुराई की हमेशा हार होती है. इस पोस्ट के कैप्शन में जदयू ने लिखा कि इस विजयादशमी पर बिहार की जनता बुराई का समूल नाश कर देगी. बुराई हमेशा हारती आई है, इस बार भी हार होगी. जीत बिहार की होगी, जीत बिहार की जनता की होगी. जदयू का यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन गया.

गिरिराज सिंह का पलटवार

जदयू के वीडियो पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ गठबंधन को घेरा और कहा कि बिहार में रावण रूपी सरकार का अंत होना चाहिए. इस पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि पता नहीं तेजस्वी यादव को रावण की परिभाषा मालूम है या नहीं. अगर मालूम होती तो ऐसे सवाल नहीं करते. 2005 से पहले बिहार में लालू यादव के नेतृत्व में रावण का ही शासन था. गरीबों का आंसू यह सरकार पोंछ रही है, ढाई करोड़ से अधिक महिलाओं को सम्मान देने का काम किया गया है. आज नीतीश कुमार हर जिले में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज खोल रहे हैं, जबकि उस दौर में चरवाहा विद्यालय खोला जाता था.

भाजपा ने राहुल-तेजस्वी को बताया कलयुग का रावण

इस बहस में भाजपा भी कूद पड़ी. बिहार भाजपा के आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया गया, जिसमें एक पोस्टर के जरिए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को कलयुग का रावण बताया गया. पोस्टर के एक हिस्से में त्रेता युग के रावण की तस्वीर है और लिखा कि जिसने मां जानकी का अपहरण किया, उनका अपमान किया. पोस्टर के दूसरे हिस्से में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की तस्वीर लगाई गई है और लिखा गया है कि कलयुग के रावण जिनके मंच से प्रधानमंत्री की दिवंगत मां का अपमान किया गया. भाजपा के इस पोस्टर ने विपक्ष पर सीधा व्यक्तिगत हमला किया.

राजद का पलटवार

राजद ने भी सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए एक 15 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया. इसमें रावण दहन का दृश्य दिखाते हुए वॉइस ओवर में कहा गया कि 20 साल का अहंकार, रावण जैसी ये सरकार, अब होगा इसका संहार, आ रहे हैं तेजस्वी दिन. राजद ने अपने कैप्शन में लिखा कि अफसरशाही, अहंकार, भ्रष्टाचार और झूठे सरकारी प्रचार के रावण का होगा अंत. बिहार में जनकल्याण, नौकरी और रोजगार का शुभारंभ होगा, जब बनेगी तेजस्वी सरकार जनहित को समर्पित जन सरोकार वाली तेजस्वी सरकार.

विजयादशमी पर बिहार में सियासी रावण का जिक्र

विजयादशमी के अवसर पर बिहार की राजनीति में यह नया विवाद एक तरह से सियासी रावण दहन की तरह उभरा है. सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी महागठबंधन दोनों ही इस प्रतीक के जरिए एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद चुनावी मौसम में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया पर चल रही जंग का हिस्सा है. जहां जदयू और भाजपा ने लालू यादव, तेजस्वी और राहुल गांधी को निशाना बनाया, वहीं राजद ने सत्ता पक्ष को अहंकारी रावण करार दिया है.

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