NDA Seat sharing: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे की उलझन सुलझती नजर आ रही है. तीन दिनों तक चली नाटकीय घटनाओं के बाद शुक्रवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है. शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय और चिराग पासवान के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत चली मुलाकात के बाद दोनों नेता संतुष्ट और मुस्कुराते हुए नजर आए चिराग ने साफ संकेत दिया किसी शेयरिंग का फार्मूला अब अंतिम दौर में है.
सम्मानजनक सीट मिलने के सवाल पर चिराग का जवाब गठबंधन के भीतर उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है उन्होंने कहा, “जहां मेरे प्रधानमंत्री मोदी हैं वहां कम से कम मुझे मेरे सम्मान के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है.”
तीन दिन तीन मूड एक नतीजा
7 से 8 अक्टूबर बातचीत की शुरुआत
7 अक्टूबर को दिल्ली में जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान से चर्चा
8 अक्टूबर को पटना लौटकर कहा बातचीत जारी है
उसी दिन X पर भावुक पोस्ट करके कहा, “पापा हमेशा कहते थे, कदम कदम पर लड़ना सीखो”
9 अक्टूबर नाराजगी का दिन
सुबह नित्यानंद राय मनाने पहुंचे लेकिन चिराग नहीं मिले.
दोपहर बाद फिर मुलाकात पर चिराग की तेवर सख्त हो गए.
चिराग का बयान, “जब तक मंत्री हूं मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है.”
देर शाम धर्मेंद्र प्रधान और नित्यानंद राय दोबारा पहुंचे.
10 अक्टूबर सुलह का दिन
सुबह नित्यानंद राय फिर चिराग के घर पहुंचे जहां उनकी आधे घंटे की बातचीत में समझौता हुआ पहली बार मुस्कुराते हुए चिराग बोले, “सब क्लियर हो रहा है.”
चिराग के आज के बयान के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है, की सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है. बीजेपी नेतृत्व में स्पष्ट रूप से चिराग की नाराजगी दूर करने के लिए कई दौर की बातचीत की, अब सब की नजरे इस बात पर है कि LJP(R) को कितनी सिम मिलती है और बिहार की 243 सीटों पर एनडीए का अंतिम फार्मूला क्या रहता है.