उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान जारी… जानिए कौन होगा भारत के 17 वें उपराष्ट्रपति

Vice president election2025: भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की अप्रत्याशित स्वास्थ्य कारणों से जुलाई 2025 में अचानक हुई इस्तीफे के बाद भारत में 17वें उपराष्ट्रपति की चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस चुनाव को लेकर के पूरे देश के निगाहें संसद भवन पर टिकी हुई है, क्योंकि उपराष्ट्रपति न केवल राज्यसभा के सभापति होते हैं, बल्कि संवैधानिक दृष्टि से राष्ट्रपति के बाद दूसरा सबसे बड़ा पद भी संभालते हैं.

कौन है उम्मीदवार….?

इस बार चुनाव दो दिग्गज नेताओं के बीच है एनडीए प्रत्याशी  सी. पी. राधाकृष्णन (महाराष्ट्र के राज्यपाल और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता) और दूसरी तरफ विपक्ष में है इंडिया गठबंधन प्रत्याशी बी सुदर्शन रेड्डी ( सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जिन्हें INDIA ब्लॉक ने अपना उम्मीदवार बनाया है).

सबसे पहला वोट किसने डाला और क्यों ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहला वोट डाला क्योंकि उनके द्वारा सबसे पहला वोट डालना एक परंपरा और प्रतीकात्मक महत्व रखता है, यह चुनावी प्रक्रिया के प्रति लोकतांत्रिक आस्था और नेतृत्व की जिम्मेदारी को दर्शाता है उन्होंने वोट डालने के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया voted in the 2025 vice president election.

वोटिंग कब और कैसे हुई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 10:00 बजे सबसे पहला वोट डालकर प्रक्रिया  की शुरुआत की इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सोनिया गांधी ने भी मतदान किया एनडीए खेमे से नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, अर्जुन राम मेघवाल, किरेन रिजिजू जैसे केंद्रीय मंत्री वोट डाल चुके हैं जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा भी मतदान में शामिल हुए, इस बीच भाजपा सांसद कंगना रनौत और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी अपना वोट डाला.

कब तक आएंगे नतीजे…

मतदान शाम 5:00 बजे तक चलेगा और शाम 6:00 से मतगणना शुरू हो जाएगी देर रात तक नतीजे आने की संभावना है. इस बार का चुनाव खास है क्योंकि इसमें एनडीए प्रत्याशी और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी.राधाकृष्णन का मुकाबला इंडिया गठबंधन द्वारा उतारे गए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी से है और दोनों गठबंधन इस चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं. भारत के 17वें उपराष्ट्रपति कौन होंगे यह कुछ ही घंटे में तय हो जाएगा लेकिन, यह मुकाबला केवल चुनाव की ताकत की परीक्षा नहीं बल्कि आने वाले दिनों में संसद की कार्य प्रणाली और राजनीतिक समीकरणों पर भी बड़ा असर डालेगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *