पारंपरिक राजनीति को विकास की चुनौती, जातीय समीकरणों और सामाजिक न्याय की लड़ाई में कौन मारोगा बाजी,

Bihar Assembly Election: बिहार विधानसभा चुनाव की आहट तेज हो चुकी है. इस बीच मधुबनी जिले की हरलाखी विधानसभा सीट भी चुनावी चर्चाओं के केंद्र में है।यहां एनडीए (भाजपा, जेडीयू, एलजेपी) और महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस-लेफ्ट) के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।

अब तक हो चुके हैं 17 चुनाव

हरलाखी विधानसभा सीट बिहार की 243 सीटों में से एक है, जिसकी स्थापना 1951 में हुई थी। यह सीट मधुबनी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और मधुबनी व सीतामढ़ी जिलों की सीमा पर स्थित है। हरलाखी क्षेत्र मिथिला की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा रहा है। प्राचीन काल में यह विदेह वंश के अधीन रहा और यही भूमि राजा जनक तथा देवी सीता की जन्मभूमि से भी जुड़ी मानी जाती है। नेपाल सीमा के समीप स्थित जनकपुर, जो जनक की राजधानी रही, हरलाखी से महज 72 किलोमीटर दूर है। भौगोलिक दृष्टि से यह क्षेत्र उपजाऊ भूमि और कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है। यहां धान, गेहूं, मक्का, दालें और हाल के वर्षों में केले की खेती बड़े पैमाने पर होती है। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन भी यहां की आमदनी का अहम स्रोत है। जयनगर यहां का प्रमुख आर्थिक केंद्र है, जो नेपाल से व्यापार का मुख्य द्वार भी माना जाता है।

क्या कहता है राजनीतिक समीकरण

हरलाखी पूरी तरह ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र है। यहां शहरी मतदाता नहीं हैं। इस सीट से अब तक 17 बार विधायक चुने जा चुके हैं। कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने यहां 6-6 बार जीत दर्ज की है। जनता दल (यू) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) ने 2-2 बार, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने 1 बार यह सीट जीती है। हाल के वर्षों में यहां जेडीयू और आरएलएसपी का प्रभाव रहा है। मौजूदा विधायक जेडीयू के सुधांशु शेखर हैं, जिन्होंने 2020 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की थी।

कैसे रहे पिछले  2 चुनाव के नतीजे

2015
विजेता उम्मीदवार–बसंत कुमार (RLSP) को 40,468 मत मिले, वही दूसरी ओर मोहम्मद शब्बीर (Congress) को 36,576 मत मिले, जीत का मार्जिन 3,892 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 42.50% और रनर-अप का 38.50% रहा

2020
विजेता उम्मीदवार–सुधांशु शेखर (JDU) को 60,393 मत मिले, वही दूसरी ओर राम नरेश पांडेय (CPI) को 42,800 मत मिले, जीत का मार्जिन 17,593 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 36.10% और रनर-अप का 25.58% रहा

2016 में हुए उपचुनाव में आरएलएसपी के सुधांशु शेखर विजयी रहे थे। दरअसल, उनके पिता बसंत कुमार (2015 में विजयी) के निधन के बाद उपचुनाव हुआ था। बाद में सुधांशु शेखर ने जेडीयू का दामन थाम लिया।

किस ओर रहता है मतदाताओं का झुकाव

2020 में हरलाखी सीट पर कुल 2,90,847 पंजीकृत मतदाता थे। इनमें अनुसूचित जातियों के मतदाता 36,676 (12.61%) और मुस्लिम मतदाता 41,300 (14.20%) थे। 2024 लोकसभा चुनाव तक यह संख्या बढ़कर 2,95,249 हो गई। हालांकि, यहां मतदान प्रतिशत चिंता का विषय है, जो लगातार 56 से 58 प्रतिशत के बीच ही रहता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में हरलाखी में एनडीए ने अपना दबदबा बनाए रखा। भाजपा के अशोक कुमार यादव ने यहां 40,931 मतों से बढ़त हासिल की। इससे एनडीए कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है। वहीं, महागठबंधन भी इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।कुल मिलाकर, हरलाखी विधानसभा सीट इस बार भी एनडीए बनाम महागठबंधन की सीधी टक्कर का गवाह बनेगी

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