तरारी विधानसभा में कौन सा मुद्दा हुआ हावी , इस बार कौन जीतेगा यह की जनता का भरोसा

Bihar assembly elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई है. इसी बीच तरारी विधानसभा इस बार लोगों के विकास के मुद्दे को प्राथमिकता दे रही है. ऐसे में जहां पार्टी और प्रत्याशी पूरी तैयारी में लगे हैं तो दूसरी तरफ वोटरों में भी हलचल तेज होती नजर आ रही हैं.

तरारी की पहचान

यहां भूमिहार ब्राह्मण यादव और मुस्लिम समुदाय की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही है. पूर्व में यह क्षेत्र शहर और प्रो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के रूप में जाना जाता था. समय के साथ इसकी सीमाओं और नाम में परिवर्तन हुए, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व बना रहा.
2024 के उपचुनाव में एक राजनीतिक बदलाव देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार इस क्षेत्र में जीत हासिल की यह जीत बिहार की राजनीति में भाजपा की बढ़ती पहुंचे और वामपंथी दलों के प्रभाव में आई कमी को दर्शाता है.

पिछले 2 चुनाव के नतीजे

2015
विजेता उम्मीदवार – सुदामा प्रसाद (CPI(ML)(Liberation)) को 44,050 मत मिले, वही दूसरी ओर गीता पांडे (LJP) को 43,778 मत मिले, जीत का मार्जिन 272 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 28.79% और रनर-अप का 28.62% रहा

2020
विजेता उम्मीदवार – सुदामा प्रसाद (CPI(ML)(Liberation)) को 73,945 मत मिले, वही दूसरी ओर नरेंद्र कुमार पांडे (निर्दलीय) को 62,930 मत मिले, जीत का मार्जिन 11,015 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 43.53% और रनर-अप का 37.05% रहा

आगमी चुनाव में होने वाली संभावनाएं

2025 के विधानसभा चुनाव में तरारी में कड़ी प्रतिस्पर्धा की उम्मीद है. बिहार की राजनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है तरारी विधानसभा जो राज्य की राजनीतिक दशा और दिशा को प्रभावित करता आ रहा है, आने वाले समय में यह क्षेत्र बिहार की राजनीतिक में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

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