Bihar assembly elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी का बिगुल बजने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने अपना मिशन तेज कर लिया है पार्टी के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संगठन से जुड़ी दो महत्वपूर्ण बैठक के जरिए बिहार में भाजपा के चुनावी मशीनरी को एक्टिवेट कर दिया है.
अमित शाह 17 सितंबर की शाम पटना पहुंचे और सूत्र बताते हैं कि उन्होंने सबसे पहले पार्टी की कमान संभाल रहे नेताओं के साथ एक अहम फीडबैक मीटिंग की. लगभग 40 मिनट चली. इस बैठक में शाह ने आज सिर्फ भाजपा के संगठन की मजबूती का जायजा नहीं लिया बल्कि, चुनाव को लेकर अब तक की तैयारी पर भी विस्तार से चर्चा की.
सूत्रों के मुताबिक अमित शाह ने इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के सामने मौजूद एंटी इनकंबेंसी फैक्टर की गंभीरता को समझा और पिछले कुछ महीनो में सरकार द्वारा लिए गए फैसलों को जनता के बीच क्या असर पड़ रहा है. उस पर भी फीडबैक लिया.
इसके बाद 18 सितंबर को गृह मंत्री डेहरी ऑन सोन और बेगूसराय पहुंचे. जहां उन्होंने भाजपा संगठन से जुड़े नेताओं और पदाधिकारी को संबोधित किया यही से उन्होंने औपचारिक तौर पर “मिशन टू थर्ड” यानी तीसरी बार सत्ता में वापसी के अभियान को एक्टिवेट कर दिया.
मुख्यमंत्री नीतीश से मुलाकात
गुरुवार को सुबह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की नीतीश ने अपने सहयोगी संजय झा और विजय कुमार चौधरी के साथ वहां होटल पहुंचे. जहां अमित शाह ठहरे हुए थे. करीब 20 मिनट तक उनकी औपचारिक बातचीत चली. जिसमें सीट बंटवारे पर कोई चर्चा नहीं हुई लेकिन, शाह ने साफ संदेश दिया कि विधानसभा चुनाव में एनडीए घटक दल अलग-अलग नहीं होगा बल्कि संयुक्त प्रचार अभियान चलाएंगे.
सूत्रों, के मुताबिक अमित शाह ने निर्देश दिया कि अभी से सभी 243 सीटों पर सामाजिक समीकरण को देखते हुए नेताओं के प्रचार कार्यक्रम का होमवर्क शुरू कर दिया जाए.
बड़ी बैठक डेहरी ऑन सोन से
डेहरी ऑन सोनमें आयोजित पहली क्षेत्रीय बैठक में अमित शाह ने शाहाबाद और मगध के 10 जिलों से करीब 24 संगठन कमी सांसद विधायक विधान परिषद सदस्यों में जिला परिषद प्रतिनिधि से लेकर मंडल और प्रखंड स्तर तक के कार्यकर्ताओं को इस बैठक में बुलाया मंच से अमित शाह ने कार्यकर्ता को संबोधित करते हुए “मिशन टू थर्ड” का औपचारिक ऐलान किया, और जोर देकर कहा कि “बीजेपी जितनी मजबूत होगी एनडीए उतना मजबूत होगा और एनडीए जितनी मजबूत होगी तो बिहार भी उतना ही मजबूत होगा”
अमित शाह ने अपनी भाषण में इस बात को साफ किया की सरकार के खिलाफ बढ़ रही एंटी-इनकंबेंसी चुनौती का समाधान सिर्फ संगठन के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के पास है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वह जनता के बीच जाकर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यो की जानकारी घर-घर तक पहुंचाएं.
अमित शाह ने नरेंद्र मोदी के 24 साल के शासन का उदाहरण देते हुए भी कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका विकास है और इसी एजेंडा के साथ चुनाव मैदान में उतरना है.
बेगूसराय में दिया चुनावी संदेश
डेहरी ऑन सोन में शाहाबाद और मगध के कार्यकर्ताओं को चुनावी मिशन समझने के बाद अमित शाह बेगूसराय पहुंचे. जहां पटना ग्रामीण, पटना महानगर, नालंदा, शेखपुरा, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, खगड़िया और बेगूसराय जिलों के कार्यकर्ताओं की बड़ी बैठक आयोजित की गई थी.
संबोधन में शाह ने साफ कहा की आने वाले चुनाव में जीत सिर्फ कार्यकर्ताओं की मेहनत पर है. अपने भाषण में उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार शाहाबाद में एनडीए का प्रदर्शन कमजोर रहा था, लेकिन इस बार चुनौती मानकर मैदान में उतरना है.उन्होंने विपक्ष पर भी तीखे वार किया, राहुल गांधी की वोट बचाओ यात्रा को शाह ने घुसपैठ बचाओ यात्रा का करार दिया. वहीं कांग्रेस और राजद दोनों पर निशाने साधे, तेजस्वी यादव को भी खुली चुनौती देते हुए शाह ने कहा कि जनता विकास की मजबूती के दम पर एनडीए को दो तिहाई बहुमत देगी.
दोनों अहम क्षेत्रीय बैठकों के बाद अमित शाह पटना वापस लौट आए. लेकिन यह साफ कर दिया कि चुनाव से पहले बिहार के हर इलाके में संगठन को चार्ज करेंगे. अब 27 सितंबर को उनकी अगली तीन क्षेत्रीय बैठक है शाह का यह दौर सिर्फ चुनावी प्लान बांटने तक सीमित नहीं है. बल्कि, कार्यकर्ता को यह विश्वास दिलाने का प्रयास भी है, कि बिहार में वही सफलता दोहराई जा सकती है. जो भाजपा ने छत्तीसगढ़ और हरियाणा में अपने कार्यकर्ताओं के बदौलत हासिल की.