Islampur vidhanshabha seat: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है. जहां मतदान की तारीख सामने आ गए हैं, वहीं नालंदा जिले की है सीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले में स्थित और राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है. 2020 के चुनाव में राजद के राकेश कुमार रोशन ने 67,819 वोट हासिल कर जेडीयू के चंद्रसेन प्रसाद को हराया था, जिन्हें 64,052 वोट मिले थे.
इस्लामपुर एक नोटिफाइड एरिया है, जिसे तकनीकी रूप से न तो पूर्ण कस्बा कहा जा सकता है, और न ही गांव. यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है. नालंदा जिले के मुख्यालय बिहारशरीफ से 42 किलोमीटर, प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय से 40 किलोमीटर, राजधानी पटना से 65 किलोमीटर और राजगीर से 60 किलोमीटर और गया से 85 किलोमीटर की दूरी में बसा है. यह क्षेत्र सड़क और रेलवे नेटवर्क से उत्कृष्ट रूप से जुड़ा हुआ है. यहां कई लंबी दूरी की ट्रेन है जो रूकती है, और यहां कुछ इंटरसिटी ट्रेनों का आरंभिक और अंतिम स्टेशन भी है जो इसे महत्व पूर्ण रेलवे हब भी बनता है.
इस्लामपुर 1951 में एक विधानसभा क्षेत्र के रूप में स्थापित हुआ और यह नालंदा लोकसभा सीट के साथ विधानसभा क्षेत्र में से एक है. पिछले 17 विधानसभा चुनाव का विश्लेषण इस क्षेत्र की विशेष राजनीतिक प्रवृत्तियों को प्रकट करता है. 17 बार चुनाव में से 11 बार समाजवादी विचारधारा वाली पार्टियों ने जीत हासिल की इस क्षेत्र में समाजवादी राजनीति की गहरी जड़े दर्शाती है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने तीन बार विजय प्राप्त की जो बिहार के अधिकांश क्षेत्रों की तुलना में उल्लेखनीय है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चार बार यह सीट जीती है, शेष तीन चुनाव में विभिन्न क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों की जीत हुई है.
2020 में राजद के लिए यह जीत ऐतिहासिक थी क्योंकि इसने जेडीयू के 15 साल की निरंतर प्रभुत्व को समाप्त कर दिया. हालांकि जीत का मार्जिन बेहद कम था, वही लोग जनशक्ति पार्टी ने चुनाव में गेम चेंजर की भूमिका निभाई, एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने वाले लोजपा को 8597 वोट मिले जो स्पष्ट रूप से जेडीयू के अनुसूचित जाति वोट बैंक से आए यह उन 25 सीटों में से एक था जहां लोजपा ने जेडीयू को प्रत्यक्ष नुकसान पहुंचाया था.
वही महागठबंधन का 2015 में स्वर्णिम दौर दूर था जेडीयू ने सीट पर भारी बहुमत से जीत हासिल की चंद्रसेन प्रसाद ने 46.40% वोट शेयर हासिल किया जो 2020 की तुलना में लगभग 5% अधिक था.
यह सीट केवल इस्लामपुर के भविष्य को नहीं बल्कि, बिहार की राजनीति की दिशा भी तय करेगी. नीतीश कुमार के लिए यह उनकी राजनीतिक यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पद है. जबकि राजद के लिए साबित करने का स्वर्णिम अवसर है, कि वह नीतीश के गढ़ में भी जीत सकते हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि यहां एक थ्रिलिंग मुकाबला होता है या फिर अनिश्चित मुकाबला होगा.