पुरानी नाव में सवारी करना चाहती हैं नीतीश सरकार..!समझिए NDA गठबंधन की रणनीति

Bihar vidhan sabha chunav :  बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने हाल ही में महिलाओं,युवाओं और वृद्धजनों के लिए कई अहम योजनाओं की घोषणा की है.सरकार के इस घोषणा में रोजगार,पेंशन और प्रोत्साहन योजनाओं का विशेष ध्यान रखा गया है. इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को मजबूत बनाना है.

बिहार में महिला वोटरों की अहम भूमिका

रिपोर्टों के अनुसार बिहार में महिला वोटरों की संख्या 4.07 करोड़ है, जो राज्य की कुल मतदाता संख्या का लगभग 47.7 प्रतिशत है. अगर हम 2020 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो 59.7 प्रतिशत महिला वोटरों ने मतदान में भाग लिया था. इस सामाजिक संदर्भ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है. सबसे प्रमुख योजना मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना है,जिसके तहत राज्य सरकार प्रत्येक महिला को अपने पसंद के क्षेत्र में रोजगार शुरू करने के लिए 10,000 रुपये की राशि देगी. छह महीने बाद इस राशि में वृद्धि की जाएगी और कुल 2 लाख रुपये तक का समर्थन प्रदान किया जाएगा.

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने महिला उद्यमी योजना के तहत 877 महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये तक का आर्थिक सहायता प्रदान किया है, जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान है. अब तक इस योजना के तहत महिलाओं को 608.91 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं. सरकार ने आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की है, और इनके लिए 2.30 लाख रुपये का समर्थन भी किया है. इसी तरह, आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे उन्हें 1,000 रुपये की बजाय अब 3,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे.

युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास योजनाएं

बिहार में युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है और यह समूह आगामी चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है. 30 वर्ष से कम उम्र के मतदाताओं की संख्या राज्य में लगभग 30 प्रतिशत है. इनमें 18 से 19 वर्ष के 8,08,857 वोटर और 20 से 29 वर्ष के 15,59,048 वोटर शामिल हैं. इन युवाओं को रोजगार देने और कौशल विकास के लिए राज्य सरकार ने 2025 से 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी या रोजगार देने का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही, सरकार ने कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की है, जिसमें युवाओं को तकनीकी और पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके अलावा, इंटर्नशिप योजना और बिहार युवा आयोग के गठन से भी युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी.

वृद्धजनों के लिए पेंशन योजनाएं

बिहार सरकार ने वृद्धजनों के लिए अपनी पेंशन योजनाओं में भी बढ़ोतरी की है. मुख्यमंत्री वृद्धजन योजना के तहत 400 रुपये की मासिक पेंशन को बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है. इस योजना का लाभ अब तक 1.13 करोड़ वृद्धजनों को मिल चुका है. इसके अलावा, बिहार में 60 से 69 वर्ष के लगभग 72 लाख वोटर, 70 से 79 वर्ष के 39 लाख वोटर और 80 वर्ष से ऊपर के 16 लाख वोटर हैं, जो इन योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ उठा रहे हैं.

वोट बैंक पर निशाना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार की ये योजनाएं महिलाओं, युवाओं और वृद्धजनों को सीधे तौर पर लाभान्वित करने का उद्देश्य रखती हैं. इन योजनाओं से न केवल राज्य में सामाजिक समरसता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार, महिला सशक्तिकरण और वृद्धजनों की जीवनस्तर में भी सुधार होगा. बिहार में इन योजनाओं का लागू होना आगामी चुनावों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन सकता है.

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