Womens in Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महिला उम्मीदवारों की भागीदारी घटकर 9.75 प्रतिशत पर आ गई है, जो पिछले चुनाव की तुलना में निराशाजनक रही है. कुल 2616 प्रत्याशियों में केवल 255 महिलाएं चुनावी मैदान में हैं, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 11 प्रतिशत था.
महिलाओं को टिकट देने में BSP और जनसुराज पार्टी सबसे आगे रहीं. बहुजन समाज पार्टी ने 180 सीटों में से 26 पर महिला उम्मीदवार उतारे, जबकि प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने 231 में से 25 सीटों पर महिलाओं को मौका दिया.राष्ट्रीय जनता दल ने 140 सीटों में 23 महिलाओं को टिकट दिया, जो प्रतिशत के हिसाब से सबसे बेहतर है. जनता दल यूनाइटेड ने 101 में 13, भारतीय जनता पार्टी ने 101 में 12, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी ने 36 में सात, कांग्रेस ने 60 में पांच और लोजपा (रामविलास) ने 28 में पांच महिला प्रत्याशी मैदान में उतारे.
आम आदमी पार्टी ने 83 सीटों में केवल तीन महिलाओं को टिकट दिया।.AIMIM ने 28 में एक, CPI(ML) ने 20 में एक, VIP ने 12 में एक महिला उम्मीदवार को मौका दिया. महागठबंधन के घटक दल CPI और CPM से कोई महिला प्रत्याशी नहीं है.
बिहार के 17 विधानसभा चुनावों में 2020 का चुनाव महिला भागीदारी के लिए सर्वश्रेष्ठ रहा था, जब 3362 उम्मीदवारों में 370 महिलाएं थीं. इससे पहले 2015 में 8.6%, 2010 में 9.5%, 2005 अक्टूबर में 6.9%, 2005 फरवरी में 8% और 2000 में मात्र 5% महिला उम्मीदवार थीं.243 सीटों पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे 926 उम्मीदवारों में केवल 85 महिलाएं हैं. यह आंकड़ा दर्शाता है कि स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने में भी महिलाओं की रुचि सीमित है.
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, 2616 उम्मीदवारों में 431 राष्ट्रीय दलों से, 351 राज्य दलों से, 908 गैर-मान्यता प्राप्त दलों से और 926 निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. महिला प्रतिनिधित्व में यह गिरावट बिहार की राजनीति में लैंगिक समानता की दिशा में एक पीछे का कदम है.