Bihar assembly election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए निर्वाचन आयोग जहां SIR के बाद वोटर लिस्ट को फाइनल करने की तैयारी में जुड़ गई है. बिहार के बक्सर जिले में चार विधानसभा सीट हैं, जिसमें से एक बक्सर विधानसभा सीट है. इस सीट पर पिछले दो बार से कांग्रेस ने अपनी बढ़त बनाई हुई है.
सीट का इतिहास
अगर बक्सर के इतिहास की बात करें तो इसका इतिहास बड़ा गहरा है और वही यहां चुनाव की बात करें तो 2015 के विधानसभा चुनाव में संजय कुमार तिवारी ने बीजेपी के प्रदीप दुबे को 10,181 वोटो से हराया था. तो वही 2010 में प्रोफेसर सुविधा पांडे यहां से तीसरी बार जीती थी, उन्होंने पहली बार 2000 में और दूसरी बार और फरवरी 2005 में जीत दर्ज की थी. इस सीट पर यादव और ब्राह्मण जातियों के मतदाता सबसे अहम भूमिका निभाते हैं. कांग्रेस ने इन्हीं वर्गों को साथ कर पिछले दो चुनाव में जीत हासिल की है.
बीजेपी जुटी खोई हुई सीट जीतने में
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो इस बार मुकाबला बेहद करीबी माना जा सकता है कांग्रेस के लिए यह अपनी पकड़ बनाए रखना चुनौती भरा होगा वहीं भाजपा स्वर्ण वोटो की गोलबंदी के साथ वापसी की उम्मीद कर रहा है.
पिछले 2 चुनाव के नतीजे
2015
विजेता उम्मीदवार – संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी (INC) को 66,527 मत मिले, वही दूसरी ओर प्रदीप दुबे (BJP) को 56,346 मत मिले, जीत का मार्जिन 10,181 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 41.38% और रनर‑अप का 35.05% रहा
2020
विजेता उम्मीदवार – संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी (INC) को 1,27,288 मत मिले, वही दूसरी ओर परशुराम चतुर्वेदी (BJP) को 1,23,396 मत मिले,जीत का मार्जिन 3,892 वोट रहा,लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 18.2% और रनर‑अप का 13.4% रहा
कुल मिला कर बक्सर विधानसभा सीट इस बार जातीय संतुलन, उम्मीदवार की छवि और गठबंधन की रणनीति पर टिका हुआ हैं.