क्या बिहारशरीफ विधानसभा सीट पर डॉ सुनील कुमार बनाएंगे छठवीं बार जीत का रिकॉर्ड ?

Biharsharif Vidhanshabha seat: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा हो चुकी है, और नालंदा जिले की बिहारशरीफ विधानसभा सीट पर एक बार फिर सभी की निगाहें टिकी है. यह सीट न केवल ऐतिहासिक और संस्कृत दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि राजनीतिक समीकरणों के लिए हाजिरी काफी अहम मानी जाती है.

बिहारशरीफ में कोइरी–कुर्मी जाति का वर्चस्व है, जिससे डॉ सुनील कुमार को लगातार फायदा मिलते आ रहा है. इसके अलावा मुस्लिम 22.2% यादव और पासवान समुदाय भी यहां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही है. अनुसूचित जाति के मतदाता 14.47% है. वही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नालंदा जिले में मजबूत पकड़ के बावजूद बिहार शरीफ में उनका प्रभाव सीमित रहा है, जिसका मुख्य कारण जातीय समीकरण है.

अगर पिछले दो चुनाव की बात करें तो 2015 विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड से विद्रोह कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए डॉ सुनील कुमार यहां से चौथी बार जीत दर्ज की थी. उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार को हराकर अपनी मजबूत पकड़ बनाई थी. इससे पहले भी तीन बार लगातार जदयू के टिकट पर चुनाव जीत चुके थे, लेकिन 2013 में जब नीतीश कुमार ने भाजपा से गठबंधन तोड़ा तो सुनील कुमार ने भाजपा का रूप लिया.

वही 2020 विधानसभा चुनाव में डॉक्टर सुनील कुमार ने अपना दबदबा कायम रखते हुए पांचवीं बार जीत हासिल, की उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए राजद के सुनील साहू को 15,102 मतों के अंतर से कड़ी शिकस्त दी थी. यह जीत उनकी इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ को दर्शाती है 2020 में कुल 3,78,887 मतदाताओं में से केवल 48.56% ने ही अपने मत अधिकार का प्रयोग किया जो कम मतदान प्रतिशत को दर्शाता है.

2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा जदयू गठबंधन को बिहारशरीफ में 24,387 मतों की बढ़त मिली थी. जदयू के कौशलेंद्र कुमार ने नालंदा लोकसभा सीट पर सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के डॉ संदीप सौरव को 1,69,114 मतों के विशाल अंतर से हराया था. यह जीत एनडीए गठबंधन के लिए सकारात्मक का संकेत था.

2025 विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए यह सीट बचाए रखना आसान नजर आ रहा है क्योंकि विपक्ष ने आखिरी बार इस सीट को 2000 में जीता था. हालांकि, महागठबंधन अपने रणनीति में बदलाव कर सकती है. अब देखना दिलचस्प होगा कि डॉ सुनील कुमार इस बार छठवीं जीत का इतिहास रचेंगे या विपक्ष कोई उलट फिर कर पाएगा.

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