Rahul Gandhi : बिहार विधानसभा चुनाव से महज तीन महीने पहले, विपक्षी महागठबंधन ने सासाराम से वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की है। यात्रा के इस अभियान में राहुल गांधी के साथ बिहार के प्रमुख विपक्षी नेता, जैसे तेजस्वी यादव, लालू यादव, मुकेश सहनी और अन्य महागठबंधन के नेताओं की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।
राहुल गांधी ने दावा करते हुए कहा कि जैसे महाराष्ट्र और कर्नाटक में चुनाव आयोग के खिलाफ वोटों की चोरी की शिकायतें थीं,वैसे ही अब बिहार में भी वोटों की चोरी का प्रयास हो रहा है। उन्होंने अपनी इस यात्रा के माध्यम से यह भी संदेश देने की कोशिश कर रहें है कि वे इस कथित वोट चोरी को रोकने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। वहीं अब लालू यादव और तेजस्वी यादव ने भी चुनावी धांधली के आरोपों को तूल दिया और बीजेपी को सत्ता से बाहर करने का आह्वान किया। सासाराम में जन सभा को संबोधित करते हुए लालू यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में यह भी कहा कि चोरों को हटाइए, बीजेपी को भगाइए।
इसी दिन जब सासाराम से राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा की शुरूआत कर रहे थे तो विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी के आरोप निराधार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राहुल गांधी के पास इन आरोपों का कोई ठोस प्रमाण है,तो उन्हें सात दिनों के भीतर हलफनामा देना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया,तो चुनाव आयोग पूरे देश से माफी मांगने की मांग करेगा।
हलांकि कांग्रेस ने चुनाव आयोग के इस बयान को खारिज कर दिया और दावा किया कि आयोग ने राहुल गांधी के सवालों का उचित उत्तर नहीं दिया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आयोग के बयान से कोई सार्थक निष्कर्ष नहीं निकला और आरोपों को लेकर कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
इस यात्रा के संदर्भ में यदि देखा जाए तो यह राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और न्याय यात्रा से अलग नजर आ रही है। भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी ने मुख्य रूप से लोगों से जुड़ने का प्रयास किया,जबकि न्याय यात्रा के जरिए उन्होंने किसानों, महिलाओं और युवाओं के मुद्दों को उठाया और उनके लिए न्याय की बात की। अब वोटर अधिकार यात्रा के जरिए विपक्ष का यह प्रयास दिखाई दे रहा है कि वे एकजुट होकर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाएं।
राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो वोटर अधिकार यात्रा विपक्ष को और मजबूती से एकजुट कर सकती है और जैसा प्रयास राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा और न्याय यात्रा में अधुरा रह गया. हालांकि इन दोनों यात्रा का परिणाम लोकसभा चुनाव मे देखने को मिला और भाजपा बहुमत से दूर रह गई. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह केवल एक संघर्ष तक सिमट जाएगी या फिर इसके कुछ ठोस परिणाम सामने आएंगे।