15 August : क्या पाक एक बार फिर भारत के खिलाफ नापाक साजिश रच रहा है…15 अगस्त से पहले ये सावल कितना जरूरी या गैर जरूरी है ये हम आप पर छोड़ रहे हैं. लेकिन जो जानकारी सामने आ रही है वो विषय थोड़ा गंभीर है. दरअसल 15 अगस्त के आसपास भारत में सुरक्षा को लेकर बढ़ी हुई चिंताएं… पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर के एक हालिया बयान से कहीं ज्यादा गहरी हो गई हैं.
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो बीते दिनों फ्लोरिडा में पाकिस्तानी डायस्पोरा से मुलाकात के दौरान जनरल असीम मुनीर ने कहा था हम इस बार इंडिया को सबसे पहले ईस्ट में हिट करेंगे,जहां उन्होंने अपने सबसे कीमती एसेट्स छिपा रखे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ते हाथों मुंह की खाने के बाद से पाकिस्तान पहले से छटपटा रहा है. ऐसे में यह बयान भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इसमें पाकिस्तान के इरादों और उनके संभावित सैन्य अभियान को लेकर संकेत दिए गए हैं.
बता दें कि जनरल असीम मुनीर का यह बयान कुछ दिन पहले दी इकनॉमिस्ट को दिए गए पाकिस्तानी आर्मी के डीजी आईएसपीआर जनरल अहमद शरीफ चौधरी के बयान से मेल खाता है. अपने बयान में अहमद शरीफ चौधरी ने इसी तरह के हमले की बात की थी. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब भारत के खिलाफ पाक ने अपने नापाक इरादे जाहिर किए हों…इससे पहले भी पाकिस्तान की ओर से ऐसे बयानों का सिलसिला जारी रहा है, विशेषकर पाकिस्तानी अधिकारी हमलों या सैन्य गतिविधियों की धमकियां देते रहे हैं.
इसके अलावा एक और चिंताजनक पहलू यह है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने बांग्लादेश में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. पिछले साल बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद, पाकिस्तान की सेना ने वहां अपने प्रॉक्सी नेटवर्क को सक्रिय कर दिया है. लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और यहां तक कि हमास के सदस्य भी बांग्लादेश में देखे गए हैं. इन आतंकी संगठनों को वहां के स्थानीय जिहादी समूहों, जैसे कि अंसारुल्लाह बंगला टीम के साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है. जो गंभीर है.
इसके साथ साथ पाकिस्तान के जमात-ए-इस्लामी के लोग ओवरग्राउंड नेटवर्क के रूप में काम कर रहे हैं, जो उन आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक हो सकते हैं. इन नए आतंकी नेटवर्क्स का उद्देश्य बांग्लादेश में नई सिरे से जिहादी आंदोलनों की शुरुआत करना है, जो पाकिस्तान के लिए एक रणनीतिक कदम हो सकता है.
सबसे बडी चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी संगठन इन दिनों रेडियो साइलेंस में हैं जो खतरे की ओर इशारा कर रहा है. दरअसल यह तकनीकी रूप से ऐसी स्थिति है, जब आतंकी संगठन अपनी गतिविधियां या संवाद अचानक से रोक देते हैं. इतिहास में कई बार यह देखा गया है कि आतंकवादी हमले या बड़ी घटनाओं से ठीक पहले इन संगठनों की गतिविधियां कम हो जाती हैं. ऐसे में यह जो संकेत है वो भारत के लिए गंभीर हैं.
उधर जो मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है उसमें खुफिया एजेंसियों के अनुसार 15 अगस्त के आसपास कोई बड़ी घटना घटने की आशंका है. खासकर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर. जिसका यह संकेत है कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान की योजना अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है.
हालांकि भारत की सुरक्षा एजेंसी पहले कहीं ज्यादा सर्तक है…पाकिस्तान के इरादे और उनकी रणनीतियां जब अधिक स्पष्ट हो रही हैं तो इसके दूसरे पहलूओं पर भी उनकी नजर जरूर होंगी…इन सब के बीच भारतीय सुरक्षा बलों को आगामी 15 अगस्त पर विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि भारतीय नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा के लिए यह समय बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है. इसके साथ साथ किस्तान के इरादों और उनके प्रॉक्सी नेटवर्क की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना किया जा सके.