Middle East war impact : पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भारत के निर्यात सेक्टर पर भी साफ दिखाई देने लगा है. शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव, तेल-गैस आपूर्ति को लेकर चिंता और व्यापारिक अनिश्चितता के बीच भारत का जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट भी दबाव में आ गया है.
2 अरब डॉलर के निर्यात पर संकट
जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसे हालात के कारण करीब 2 अरब डॉलर (लगभग 18,500 करोड़ रुपये) मूल्य के रत्न और आभूषण निर्यात पर असर पड़ सकता है. काउंसिल का अनुमान है कि मार्च के दौरान बढ़े भू-राजनीतिक तनाव से इस सेक्टर के करीब 20% व्यापार पर सीधा प्रभाव पड़ेगा. GJEPC के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर सब्यसाची रे ने कहा कि प्रभावित निर्यात में से करीब 800 मिलियन डॉलर के सामान को अन्य बाजारों की ओर डायवर्ट करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन 1.2 अरब डॉलर का निर्यात फिलहाल किसी अन्य बाजार में शिफ्ट करना मुश्किल दिख रहा है.
अमेरिका और UAE रहे प्रमुख बाजार
वित्त वर्ष 2025 में भारत ने कुल 29 अरब डॉलर मूल्य के रत्न और आभूषणों का निर्यात किया था. अमेरिका सबसे बड़ा बाजार रहा, जहां 9.24 अरब डॉलर का निर्यात हुआ. इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दूसरे स्थान पर रहा, जहां 7.87 अरब डॉलर का निर्यात दर्ज किया गया. हालांकि पिछले साल अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के बाद व्यापारिक समीकरण बदले और UAE भारत के जेम्स एंड ज्वैलरी के लिए सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा. चालू वित्त वर्ष में अब तक UAE ने करीब 8.33 अरब डॉलर मूल्य के आभूषण आयात किए हैं.
आगे क्या चिंता?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबा खिंचता है तो लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ सकती है,बीमा प्रीमियम महंगा हो सकता है,नए ऑर्डर कम हो सकते हैं और छोटे निर्यातकों पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ सकता है. इस स्थिति में उद्योग जगत सरकार से नए बाजारों की तलाश, निर्यात प्रोत्साहन और व्यापारिक सहायता की उम्मीद कर रहा है.