डबल इंजन सरकार को कितना दूर ले जाएगा मखाने का ईंधन

पटना। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट 2025 पेश किया, जिसमें बिहार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं. चुनावी साल (bihar elections) को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने मखाना बोर्ड की स्थापना, ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों का निर्माण, और पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के लिए वित्तीय सहायता जैसी घोषणाएं की हैं. ये सभी फैसले बिहार में एनडीए सरकार की डबल इंजन नीति को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम माने जा रहे हैं.

बिहार में होता है 80% मखाने का उत्पादन

बिहार में नौ महीने बाद विधानसभा चुनाव (bihar elections)होने हैं, और इसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य को बजट में कई सौगातें दी हैं. इसमें सबसे बड़ी घोषणा मखाना बोर्ड की स्थापना की है, जो बिहार के मिथिलांचल और सीमांचल क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगा. इसके अलावा, पश्चिमी कोसी नहर परियोजना को वित्तीय सहायता देने का ऐलान भी किया गया, जिससे मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र के किसानों को फायदा होगा.

बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना – 5 लाख किसानों को लाभ

मखाना जिसे ‘मिथिला मखाना’ भी कहा जाता है, को 2022 में GI (Geographical Indication) टैग मिला था. भारत में मखाना का 80% उत्पादन सिर्फ बिहार में होता है और इसे और अधिक संगठित करने के लिए एक विशेष मखाना बोर्ड की स्थापना की जा रही है. वित्त मंत्री ने बताया कि मखाना बोर्ड के तहत किसानों को किसान उत्पादक संगठन (FPO) के रूप में संगठित किया जाएगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और उनके उत्पादों को बाजार में बेहतर दाम मिलेगा.

मखाना उत्पादन से बिहार के 5 लाख से अधिक किसान सीधे जुड़े हुए हैं, खासकर दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, सुपौल और मधेपुरा जिलों में.

bihar elections  : असर करेगा मखाना बोर्ड

बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से 72 सीटें मिथिलांचल और सीमांचल में(bihar elections) हैं, जहां मखाना उत्पादन मुख्य व्यवसायों में से एक है. मखाना बोर्ड की स्थापना का सीधा असर 30% से अधिक विधानसभा सीटों पर पड़ सकता है, जो आगामी चुनाव में एनडीए के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. इस क्षेत्र में एनडीए का मजबूत पकड़ है. यहां के कई सांसद बीजेपी और जेडीयू के हैं,

मिथिलांचल और सीमांचल में विधानसभा की कितनी सीटें

  • दरभंगा – 10 सीटें
  • मधुबनी – 10 सीटें
  • किशनगंज – 11 सीटें
  • सीतामढ़ी – 8 सीटें
  • सुपौल – 5 सीटें
  • अररिया – 6 सीटें
  • कटिहार – 7 सीटें
  • मधेपुरा – 4 सीटें
  • सहरसा – 4 सीटें
  • पूर्णिया – 7 सीटें

bihar elections  :किसके पक्ष में जाएगा बजट?

बिहार के लिए इस बार का बजट एनडीए के पक्ष में चुनावी माहौल तैयार (bihar elections)करने का प्रयास दिखता है. मखाना बोर्ड और कृषि विकास की योजनाओं से सत्तारूढ़ गठबंधन को फायदा होने की संभावना है, लेकिन विपक्ष इस बजट को महज जुमलेबाजी बता रहा है. अब देखने वाली बात यह होगी कि बजट की घोषणाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी होती हैं, और क्या बिहार की जनता इसे चुनावी सौगात मानती है या फिर इसे सिर्फ एक चुनावी रणनीति मानकर खारिज कर देती है.

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