बिहार में कहीं स्कूलों में लगा ताला…तो कहीं बदला गया समय, कड़ाके की ठंड का बच्चों की पढ़ाई पर असर

Bihar Mausam : बिहार में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खासतौर पर सुबह और शाम के समय बढ़ती ठिठुरन का असर बच्चों की पढ़ाई पर साफ दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम हैं। इसी को देखते हुए राज्य के कई जिलों में जिला प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों को बंद करने या उनके संचालन समय में बदलाव करने का फैसला लिया है।

इन जिलों में स्कूल पूरी तरह बंद

सारण (छपरा), दरभंगा और शिवहर जिलों में कड़ाके की ठंड को देखते हुए कक्षा 8वीं तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 22 दिसंबर तक रोक लगा दी गई है। इन जिलों में प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को ठंड से बचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। सारण जिले में स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद कर दिया गया है, ताकि छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ठंड के प्रकोप से सुरक्षित रखा जा सके। हालांकि, इन आदेशों से बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को बाहर रखा गया है और उनकी कक्षाएं सामान्य रूप से संचालित होंगी।

इन जिलों में बदला गया स्कूलों का समय

राज्य के कुछ अन्य जिलों में स्कूल बंद करने के बजाय समय में बदलाव किया गया है। पटना, बक्सर, सीवान और जहानाबाद जिलों में स्कूल अब देर से खुलेंगे और जल्दी बंद होंगे। राजधानी पटना में स्कूल सुबह 9 बजे से पहले नहीं खुलेंगे और शाम 4:30 बजे के बाद पढ़ाई पर रोक रहेगी। यह आदेश 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। तो जहानाबाद के स्कूलों में पढ़ाई केवल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच ही होगी। सुबह 10 बजे से पहले और 3 बजे के बाद कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी। वहीं बक्सर और सीवान जिलों में भी इसी तर्ज पर स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को ठंड के सबसे ज्यादा असर वाले समय में बाहर न निकलना पड़े।

प्रशासन के फैसले पर अभिभावकों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया

जिला प्रशासन का कहना है कि सुबह-सुबह घना कोहरा, ठंडी हवा और गिरते तापमान से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। हालात की समीक्षा के बाद आगे भी आदेशों में बदलाव किया जा सकता है। अभिभावकों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ठंड में बच्चों को सुबह जल्दी स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है। वहीं, शिक्षकों का मानना है कि समय में बदलाव या अस्थायी छुट्टी से पढ़ाई पर असर जरूर पड़ेगा, लेकिन बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे के बने रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अन्य जिलों में भी इसी तरह के एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं।

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