Bihar political news : बिहार की राजनीति से इस समय बड़ी खबर सामने आ रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पद पर बने रहने और संभावित सियासी बदलावों को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है. सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार आने वाले कुछ हफ्तों में राज्य की सत्ता संरचना में महत्वपूर्ण फेरबदल देखने को मिल सकता है. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिलहाल सीमांचल और कोसी क्षेत्र के दौरे पर हैं, जो 26 मार्च तक जारी रहेगा. इस यात्रा के बाद भी वे मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे. हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 8 या 9 अप्रैल के आसपास वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इसके बाद उनके राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है.
डिप्टी सीएम पद को लेकर नई चर्चा
संवैधानिक नियमों के अनुसार, यदि वे राज्यसभा सदस्य बनते हैं तो उन्हें बिहार विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी होगी. हालांकि राज्यसभा सदस्य बनने के बाद भी मुख्यमंत्री बने रहने का विकल्प तकनीकी रूप से संभव है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस्तीफा देकर नए नेतृत्व को मौका दिया जा सकता है. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, जनता दल यूनाइटेड कोटे से इस बार एक नहीं बल्कि दो डिप्टी मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं. इसमें निशांत कुमार का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है. साथ ही पार्टी के एक वरिष्ठ और मुख्यमंत्री के करीबी मंत्री को भी इस पद के लिए संभावित दावेदार माना जा रहा है.
क्या जेडीयू के लिए फायदे का सौदा?
यह भी चर्चा है कि गृह विभाग भारतीय जनता पार्टी के पास ही रह सकता है. वर्तमान में यह विभाग भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के पास है. वहीं, अगर मुख्यमंत्री पद में बदलाव होता है तो भाजपा के भीतर से कई नाम संभावित दावेदारों के रूप में सामने आ रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता में इस तरह की नई साझेदारी और नेतृत्व परिवर्तन जनता दल यूनाइटेड के लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है. वहीं, निशांत कुमार की सक्रिय राजनीतिक भूमिका को पार्टी के भविष्य के नेतृत्व के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि बिहार की राजनीति में यह संभावित बदलाव किस दिशा में जाता है और सत्ता संतुलन पर इसका क्या असर पड़ता है.