मुख्यमंत्री के रेस में सम्राट चौधरी आगे लेकिन नीतीश का मिलेगा समर्थन ? बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज

BJP CM candidate : बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच उनके उत्तराधिकारी को लेकर सियासी हलचल तेज़ हो गई है. खबर है कि नीतीश कुमार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा के बाद जल्द ही मुख्यमंत्री पद भी छोड़ सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ ले सकते हैं. वहीं 15 अप्रैल को खरमास समाप्त होने के बाद उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावना जताई जा रही है. संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना विधायक या विधान पार्षद हुए अधिकतम छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर रह सकता है.

सम्राट चौधरी सबसे आगे?

इधर बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच उत्तराधिकारी की दौड़ में उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है. जेडीयू के सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व सम्राट चौधरी के पक्ष में झुकाव रखता है. एक वरिष्ठ जेडीयू नेता के अनुसार, हाल ही में हुई समृद्धि यात्रा के दौरान नीतीश कुमार ने अप्रत्यक्ष रूप से सम्राट चौधरी की ओर इशारा किया था. पार्टी मानती है कि सम्राट के पास प्रशासनिक अनुभव है और वे पिछले डेढ़ साल से सरकार के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

लव-कुश समीकरण बनाए रखने की रणनीति

राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए जेडीयू लव-कुश (कुर्मी-कोइरी) सामाजिक गठजोड़ को बनाए रखना चाहती है. ऐसे में चर्चा है कि यदि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं, तो नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि यह सिर्फ सत्ता का हस्तांतरण नहीं, बल्कि राजनीतिक विरासत का ट्रांसफर होगा.

एनडीए और बीजेपी की भूमिका अहम

यह बदलाव केवल जेडीयू तक सीमित नहीं है, बल्कि National Democratic Alliance (एनडीए) के स्तर पर भी अहम माना जा रहा है. Bharatiya Janata Party (बीजेपी) के अंदर भी कई नामों पर चर्चा चल रही है. संभावित उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री Nityanand Rai, डिप्टी सीएम Vijay Kumar Sinha और विधायक संजीव चौरसिया शामिल बताए जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार सम्राट चौधरी को एनडीए के सहयोगी दलों Lok Janshakti Party (Ram Vilas), Hindustani Awam Morcha और Rashtriya Lok Morcha का समर्थन भी मिल सकता है.

ऐतिहासिक मोड़ पर बीजेपी

बीजेपी के अंदर इस संभावित बदलाव को ऐतिहासिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि जनसंघ के समय से शुरू हुआ सफर अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा है जहां बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना मजबूत दिख रही है. हालांकि अंतिम फैसला अभी बाकी है और बीजेपी नेतृत्व की मुहर का इंतजार किया जा रहा है. लेकिन इतना तय है कि बिहार की राजनीति एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां सत्ता के साथ-साथ विरासत का भी हस्तांतरण होने जा रहा है.

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